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Yamuna Nagar News: जिला बार अध्यक्ष व संयुक्त सचिव पद महिला आरक्षित करने पर रोक
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 13 Apr 2026 01:58 AM IST
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जगाधरी। जिला बार एसोसिएशन में अध्यक्ष और संयुक्त सचिव का पद महिलाओं के लिए आरक्षित किए जाने पर रोक लग गई है। जिला बार एसोसिएशन सदस्य अधिवक्ता अविनाश कौशिक और अक्षय शर्मा ने अध्यक्ष व संयुक्त सचिव पद आरक्षित किए जाने को बार काउंसिल के चुनाव अधिकारी के समक्ष चुनौती दी थी। चुनौती में पद आरक्षित करने की प्रक्रिया को गैर न्यायसंगत और आधारहीन बताया गया था। बार चुनाव की घोषणा के बाद दोनों पद आरक्षित किए गए थे। आरक्षण को लेकर अभी तक कोई नीति व नियमावली भी नहीं जारी की गई है।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश एवं बार काउंसिल की रिटर्निंग ऑफिसर जयश्री ठाकुर ने जिला बार एसोसिएशन जगाधरी प्रधान और अधिवक्ता अविनाश कौशिक व अक्षय शर्मा को इस संबंध में पक्ष रखने के लिए बुलाया था। अधिवक्ता अविनाश ने कहा कि माननीय सर्वाेच्च न्यायालय की ओर से बार में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण के आदेश दिए हैं। इसके बाद जिला बार एसोसिएशन जगाधरी की ओर से अध्यक्ष और संयुक्त सचिव का पद आरक्षित कर दिया। परंतु पद आरक्षण चुनाव का शेड्यूल जारी होने के बाद किया गया, जो किया नहीं जा सकता है। अभी तक आरक्षण को लेकर कोई नीति व नियमावली नहीं जारी की गई है। ऐसे में उन्होंने अध्यक्ष और संयुक्त सचिव का पद आरक्षित करने के तरीके व प्रक्रिया को चुनौती दी। दोनों पक्ष सुनने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर जयश्री ठाकुर ने इस पर रोक लगा दी। उन्होंने कहा कि जब तक 30 प्रतिशत आरक्षण को लेकर नियमावली जारी नहीं होती या पद आरक्षण को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती तब इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रस्ताव को तब तक स्थगित (रोककर) रखा जाए, जब तक नया चुनाव कार्यक्रम जारी नहीं हो जाता और महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत आरक्षण की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। इसके साथ दोनों पदों का आरक्षण अमान्य हो गया है। 15 मई को होने वाले बार एसोसिएशन के चुनाव भी फिलहाल स्थगित हो गए हैं।
बार एसोसिएशन के निवर्तमान प्रधान अधिवक्ता विक्रांत सिंह चौहान ने कहा कि अध्यक्ष व संयुक्त सचिव का पद महिला आरक्षित किया गया था। परंतु इसे बार के दो सदस्यों ने चुनौती थी, जिस पर आरओ की ओर से रोक लगा दी है। जिला बार एसोसिएशन में करीब 2200 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें से 1750 अधिवक्ताओं के पास मतदान का अधिकार है। करीब 400 पंजीकृत महिला अधिवक्ता हैं और लगभग 175 महिलाएं नियमित वकालत कर रही हैं।
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बार एसोसिएशन के निवर्तमान प्रधान अधिवक्ता विक्रांत सिंह चौहान ने कहा कि अध्यक्ष व संयुक्त सचिव का पद महिला आरक्षित किया गया था। परंतु इसे बार के दो सदस्यों ने चुनौती थी, जिस पर आरओ की ओर से रोक लगा दी है। जिला बार एसोसिएशन में करीब 2200 अधिवक्ता पंजीकृत हैं। इसमें से 1750 अधिवक्ताओं के पास मतदान का अधिकार है। करीब 400 पंजीकृत महिला अधिवक्ता हैं और लगभग 175 महिलाएं नियमित वकालत कर रही हैं।