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Yamuna Nagar News: गन्ने का भाव 600 रुपये क्विंटल करने की मांग
Sun, 25 Oct 2026 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 25 Oct 2026 12:37 AM IST
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बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे भाकियू के पदाधिकारी व सदस्य। संगठन
संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से शनिवार को रेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई। इसमें गन्ने भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, किसानों की पंजीकरण संबंधी समस्याओं और बिजली बोर्ड के निजीकरण के मुद्दे पर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
जिला प्रभारी सुभाष शर्मा ने कहा कि सरकार ने बिजली बोर्ड के निजीकरण का प्रयास किया था। इसके विरोध में भाकियू और कर्मचारी यूनियनों ने मिलकर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके दबाव में सरकार को अपना बिल वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोबारा ऐसा कदम उठाया तो किसान, मजदूर और कर्मचारी एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे।
भाकियू के खंड प्रधान जनक राज पांडो ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की पंजीकरण संबंधी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कर पाई है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्द इस व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, अन्यथा किसान यूनियन बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होगी।
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उन्होंने कहा कि गन्ने का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक गन्ने का निर्धारित भाव घोषित नहीं किया है। यूनियन की मांग है कि गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द भाव घोषित नहीं किया तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी। इस मौके पर हलका प्रधान सतपाल मानकपुर, शहीद भगत सिंह ग्रुप के इकबाल सिंह सरावीं, जसपाल सिंह नौशहरा, राजेश भोगपुर, भोपाल सिंह सबड़ी, कर्ण सिंह, लखविंद्र सिंह, राकेश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।
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साढौरा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत की ओर से शनिवार को रेस्ट हाउस में बैठक आयोजित की गई। इसमें गन्ने भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल करने, किसानों की पंजीकरण संबंधी समस्याओं और बिजली बोर्ड के निजीकरण के मुद्दे पर चर्चा की गई। किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
जिला प्रभारी सुभाष शर्मा ने कहा कि सरकार ने बिजली बोर्ड के निजीकरण का प्रयास किया था। इसके विरोध में भाकियू और कर्मचारी यूनियनों ने मिलकर धरना-प्रदर्शन किया, जिसके दबाव में सरकार को अपना बिल वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि सरकार ने दोबारा ऐसा कदम उठाया तो किसान, मजदूर और कर्मचारी एकजुट होकर सड़कों पर उतरेंगे।
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भाकियू के खंड प्रधान जनक राज पांडो ने कहा कि भाजपा सरकार किसानों की पंजीकरण संबंधी व्यवस्था को दुरुस्त नहीं कर पाई है। इससे किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सरकार को जल्द इस व्यवस्था में सुधार करना चाहिए, अन्यथा किसान यूनियन बड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर होगी।
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उन्होंने कहा कि गन्ने का सीजन शुरू हो चुका है, लेकिन सरकार ने अभी तक गन्ने का निर्धारित भाव घोषित नहीं किया है। यूनियन की मांग है कि गन्ने का भाव 600 रुपये प्रति क्विंटल तय किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द भाव घोषित नहीं किया तो भाकियू बड़ा आंदोलन करेगी। इस मौके पर हलका प्रधान सतपाल मानकपुर, शहीद भगत सिंह ग्रुप के इकबाल सिंह सरावीं, जसपाल सिंह नौशहरा, राजेश भोगपुर, भोपाल सिंह सबड़ी, कर्ण सिंह, लखविंद्र सिंह, राकेश कुमार समेत अन्य मौजूद रहे।