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Yamuna Nagar News: व्हाट्सएप पर फोटो भेजकर दें लावारिस कुत्तों के बारे में जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 14 Jan 2026 01:00 AM IST
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डॉग शेल्टर का निरीक्षण करते अतिरिक्त निगम आयुक्त व अन्य। प्रवक्ता
- फोटो : घटना के बाद मलंग गांव में रोते बिलखते परिजन।
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम ने लावारिस कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी और टीकाकरण का अभियान शुरू कर दिया है। लोगों की सुविधा के लिए 7082410524 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर शहरवासी हर कार्यदिवस सुबह नौ से शाम पांच बजे तक लावारिस कुत्तों से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। शिकायत में कुत्तों की फोटो पते सहित भेजने की अपील की गई है। नगर निगम ने बीते एक सप्ताह में करीब 100 से अधिक लावारिस कुत्तों को पकड़कर उनकी वैज्ञानिक पद्धति से नसबंदी कराई है।
साथ ही उन्हें रेबिज से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया गया है। नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को नगर निगम के डॉग शेल्टर में आइसोलेशन के लिए रखा गया है, जहां सात से आठ दिन तक उनका उपचार किया जाएगा।
पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। निगम अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी, बल्कि डॉग बाइट की घटनाओं में भी कमी आएगी। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया गया है।
टेंडर लेने वाली एजेंसी ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो नगर निगम के सीएसआई हरजीत सिंह और सीएसआई विनोद बेनीवाल की देखरेख में विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों में अभियान चला रही हैं। कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें चनेटी स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर लाया जा रहा है, जहां नसबंदी और टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। इस कार्य पर एजेंसी को प्रति कुत्ता लगभग 1500 रुपये का खर्च दिया जाएगा।
वर्ष 2015 में 16,170 कुत्तों की हुई थी नसबंदी
नगर निगम ने वर्ष 2015 में भी आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराया था। उस समय 16,170 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी, जिस पर करीब 1.42 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद लंबे समय तक यह प्रक्रिया बंद रही, जिससे कुत्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती गई और डॉग बाइट की शिकायतें सामने आने लगीं। हालात को देखते हुए नगर निगम सदन में दोबारा नसबंदी का प्रस्ताव पास किया गया, जिसके बाद यह अभियान फिर से शुरू किया गया है। नगर निगम ने चनेटी के अलावा अंबाला रोड और गुलाब नगर समेत तीन स्थानों पर डॉग शेल्टर भी बनाए हैं, जहां कुत्तों के रहने, खाने और उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।
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यमुनानगर। नगर निगम ने लावारिस कुत्तों को पकड़ने, नसबंदी और टीकाकरण का अभियान शुरू कर दिया है। लोगों की सुविधा के लिए 7082410524 नंबर जारी किया है। इस नंबर पर शहरवासी हर कार्यदिवस सुबह नौ से शाम पांच बजे तक लावारिस कुत्तों से संबंधित शिकायत कर सकते हैं। शिकायत में कुत्तों की फोटो पते सहित भेजने की अपील की गई है। नगर निगम ने बीते एक सप्ताह में करीब 100 से अधिक लावारिस कुत्तों को पकड़कर उनकी वैज्ञानिक पद्धति से नसबंदी कराई है।
साथ ही उन्हें रेबिज से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया गया है। नसबंदी और टीकाकरण के बाद कुत्तों को नगर निगम के डॉग शेल्टर में आइसोलेशन के लिए रखा गया है, जहां सात से आठ दिन तक उनका उपचार किया जाएगा।
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पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ा जाएगा, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। निगम अधिकारियों का कहना है कि इस प्रक्रिया से न केवल कुत्तों की संख्या नियंत्रित होगी, बल्कि डॉग बाइट की घटनाओं में भी कमी आएगी। अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार ने बताया कि लावारिस कुत्तों को पकड़ने के लिए एजेंसी को टेंडर दिया गया है।
टेंडर लेने वाली एजेंसी ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो नगर निगम के सीएसआई हरजीत सिंह और सीएसआई विनोद बेनीवाल की देखरेख में विभिन्न वार्डों और कॉलोनियों में अभियान चला रही हैं। कुत्तों को पकड़ने के बाद उन्हें चनेटी स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर लाया जा रहा है, जहां नसबंदी और टीकाकरण की सुविधा उपलब्ध है। इस कार्य पर एजेंसी को प्रति कुत्ता लगभग 1500 रुपये का खर्च दिया जाएगा।
वर्ष 2015 में 16,170 कुत्तों की हुई थी नसबंदी
नगर निगम ने वर्ष 2015 में भी आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण कराया था। उस समय 16,170 कुत्तों की नसबंदी कराई गई थी, जिस पर करीब 1.42 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इसके बाद लंबे समय तक यह प्रक्रिया बंद रही, जिससे कुत्तों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी होती गई और डॉग बाइट की शिकायतें सामने आने लगीं। हालात को देखते हुए नगर निगम सदन में दोबारा नसबंदी का प्रस्ताव पास किया गया, जिसके बाद यह अभियान फिर से शुरू किया गया है। नगर निगम ने चनेटी के अलावा अंबाला रोड और गुलाब नगर समेत तीन स्थानों पर डॉग शेल्टर भी बनाए हैं, जहां कुत्तों के रहने, खाने और उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है।