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Yamuna Nagar News: बस अड्डे की पार्किंग बंद होने से बढ़ी अव्यवस्था
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 03 Apr 2026 03:15 AM IST
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अस अड्डा पार्किंग बंद होने के चलते गेट के बाहर खड़े वाहन।
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यमुनानगर। शहर के यमुनानगर बस अड्डे की पार्किंग पिछले तीन महीनों से बंद है, लेकिन अब यह मामला सिर्फ पार्किंग तक सीमित नहीं रह गया है। लगातार नाकाम हो रही नीलामी प्रक्रिया ने पूरे इलाके की यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर दिया है। हालात यह हैं कि पार्किंग बंद होने के कारण सड़क ही अस्थायी पार्किंग स्थल बन गई है, जिससे रोजाना जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनी रहती है।
दरअसल, पार्किंग के ठेके को लेकर अब तक तीन बार नीलामी कराई जा चुकी है, लेकिन हर बार प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। विभाग की ओर से पहले 2 लाख 11 हजार रुपये प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी का बेस प्राइस तय किया गया था, जिसे ठेकेदारों ने ज्यादा बताते हुए भागीदारी से दूरी बना ली। नतीजतन, बोली 1 लाख 40 हजार रुपये तक ही सीमित रही और टेंडर फाइनल नहीं हो सका।
बताया जा रहा है पिछले ठेकेदार को भी इस पार्किंग से नुकसान उठाना पड़ा था, जिससे नए बोलीदाता जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि विभाग को बार-बार नीलामी रद्द करनी पड़ रही है। अब 6 अप्रैल को एक बार फिर से नीलामी कराई जाएगी, जिसमें बेस प्राइस कम किया गया है ताकि प्रक्रिया सफल हो सके।
इधर, पार्किंग बंद होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। पहले जहां रोजाना 200 से अधिक वाहन पार्किंग में व्यवस्थित खड़े होते थे, अब वही वाहन सड़क किनारे खड़े किए जा रहे हैं। इससे बस अड्डे के आसपास हर समय जाम लगा रहता है और बसों के आवागमन में भी दिक्कत आती है। ऑटो चालकों का कहना है कि उन्हें अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिल रही, जिससे सवारियां लेने में परेशानी हो रही है। वहीं दुकानदारों का आरोप है कि अव्यवस्था के कारण ग्राहक कम हो गए हैं और कारोबार प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल पार्किंग की नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती का परिणाम है। यदि समय रहते ठोस निर्णय लिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर लौट सके और आमजन को राहत मिल सके।
उधर, रोडवेज जीएम संजय रावल ने बताया कि यदि इस बार भी नीलामी सफल नहीं होती है तो बेस प्राइस को और कम करने का प्रस्ताव हेड ऑफिस को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि हेड ऑफिस की टीम भी इस प्रक्रिया में शामिल होगी, जिससे पारदर्शिता के साथ टेंडर को अंतिम रूप दिया जा सके। विभाग को उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक पार्किंग दोबारा शुरू हो जाएगी। संवाद
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दरअसल, पार्किंग के ठेके को लेकर अब तक तीन बार नीलामी कराई जा चुकी है, लेकिन हर बार प्रक्रिया रद्द करनी पड़ी। विभाग की ओर से पहले 2 लाख 11 हजार रुपये प्लस 18 प्रतिशत जीएसटी का बेस प्राइस तय किया गया था, जिसे ठेकेदारों ने ज्यादा बताते हुए भागीदारी से दूरी बना ली। नतीजतन, बोली 1 लाख 40 हजार रुपये तक ही सीमित रही और टेंडर फाइनल नहीं हो सका।
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बताया जा रहा है पिछले ठेकेदार को भी इस पार्किंग से नुकसान उठाना पड़ा था, जिससे नए बोलीदाता जोखिम लेने को तैयार नहीं हैं। यही कारण है कि विभाग को बार-बार नीलामी रद्द करनी पड़ रही है। अब 6 अप्रैल को एक बार फिर से नीलामी कराई जाएगी, जिसमें बेस प्राइस कम किया गया है ताकि प्रक्रिया सफल हो सके।
इधर, पार्किंग बंद होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ रहा है। पहले जहां रोजाना 200 से अधिक वाहन पार्किंग में व्यवस्थित खड़े होते थे, अब वही वाहन सड़क किनारे खड़े किए जा रहे हैं। इससे बस अड्डे के आसपास हर समय जाम लगा रहता है और बसों के आवागमन में भी दिक्कत आती है। ऑटो चालकों का कहना है कि उन्हें अपने वाहन खड़े करने के लिए जगह नहीं मिल रही, जिससे सवारियां लेने में परेशानी हो रही है। वहीं दुकानदारों का आरोप है कि अव्यवस्था के कारण ग्राहक कम हो गए हैं और कारोबार प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या केवल पार्किंग की नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती का परिणाम है। यदि समय रहते ठोस निर्णय लिया जाता तो हालात इतने खराब नहीं होते। लोगों ने प्रशासन से जल्द समाधान की मांग की है, ताकि ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर लौट सके और आमजन को राहत मिल सके।
उधर, रोडवेज जीएम संजय रावल ने बताया कि यदि इस बार भी नीलामी सफल नहीं होती है तो बेस प्राइस को और कम करने का प्रस्ताव हेड ऑफिस को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि हेड ऑफिस की टीम भी इस प्रक्रिया में शामिल होगी, जिससे पारदर्शिता के साथ टेंडर को अंतिम रूप दिया जा सके। विभाग को उम्मीद है कि अप्रैल के अंत तक पार्किंग दोबारा शुरू हो जाएगी। संवाद

अस अड्डा पार्किंग बंद होने के चलते गेट के बाहर खड़े वाहन।