{"_id":"69dc01a5e3b38715b1041123","slug":"the-matter-of-saraswatinagar-college-building-reached-the-high-court-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1020-154255-2026-04-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: सरस्वतीनगर कॉलेज भवन का मामला पहुंचा हाईकोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: सरस्वतीनगर कॉलेज भवन का मामला पहुंचा हाईकोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 13 Apr 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
विद्यालय के भवन में चल रहा सरस्वतीनगर का राजकीय महाविद्यालय। आर्काइव
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। वर्षों की मांगों व ज्ञापन के बाद बनने जा रहा राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर का भवन कानूनी पचड़े में फंसता नजर आ रहा है। छप्पर में बनने वाले कॉलेज भवन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कॉलेज भवन की जगह मनमानी तरीके से बदलने का आरोप लगाया गया है।
याचिका पर सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तिथि दी गई है। यह याचिका सरस्वतीनगर सरपंच सुखराज सिंह की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (वर्तमान केंद्रीय मंत्री) ने सरस्वती कुंड के कारण मुस्तफाबाद का नाम बदलकर सरस्वतीनगर किया था। लोगों की मांग पर सरस्वतीनगर में कॉलेज बनाने की घोषणा भी की थी। इस कॉलेज के भवन का निर्माण पंचायती भूमि पर किया जाना था। इसके लिए पंचायत की ओर से भूमि भी चयनित कर ली गई थी।
दो दिसंबर 2025 को इस राजकीय कॉलेज का भवन छप्पर में बनाने की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद भवन निर्माण की अन्य औपचारिकताएं भी शुरू कर दी गईं। सरपंच सुखराज सिंह, कैलाश सैनी, सुरेंदर गोयल, जसपाल, शिवराम सैनी, लवली बक्शी, अवतार सिंह, राकेश कुमार ने बताया कि छप्पर सरस्वतीनगर से करीब पांच किलोमीटर दूर है। भवन के लिए चयनित भूमि नेशनल हाईवे पर स्थित है, जो कि खतरे से खाली नहीं है। यह घोषणा वास्तविक रूप से सरस्वती नगर की पंचायत जमीन पर बनाने के लिए की गई थी। परंतु इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद नगरवासियों में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि सरस्वतीनगर के राजकीय विद्यालय के भवन में महाविद्यालय की 2019 से नियमित कक्षाएं चल रही हैं और आसपास विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आ रहे हैं। हर वर्ष सीटें और विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है।
सरस्वती नगर के सरपंच सुखराज सिंह ने बताया कि इसके लिए पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। दिसंबर 2023 में डीसी के संज्ञान में भी लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने घोषणा की अवमानना की है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस मामले का फैसला आने तक भवन निर्माण की कार्रवाई आगे न बढ़ाई जाए।
Trending Videos
जगाधरी। वर्षों की मांगों व ज्ञापन के बाद बनने जा रहा राजकीय महाविद्यालय सरस्वतीनगर का भवन कानूनी पचड़े में फंसता नजर आ रहा है। छप्पर में बनने वाले कॉलेज भवन को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। याचिका में कॉलेज भवन की जगह मनमानी तरीके से बदलने का आरोप लगाया गया है।
याचिका पर सुनवाई के लिए 7 जुलाई की तिथि दी गई है। यह याचिका सरस्वतीनगर सरपंच सुखराज सिंह की ओर से दायर की गई है। याचिका में कहा गया कि 2017 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (वर्तमान केंद्रीय मंत्री) ने सरस्वती कुंड के कारण मुस्तफाबाद का नाम बदलकर सरस्वतीनगर किया था। लोगों की मांग पर सरस्वतीनगर में कॉलेज बनाने की घोषणा भी की थी। इस कॉलेज के भवन का निर्माण पंचायती भूमि पर किया जाना था। इसके लिए पंचायत की ओर से भूमि भी चयनित कर ली गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
दो दिसंबर 2025 को इस राजकीय कॉलेज का भवन छप्पर में बनाने की अधिसूचना जारी की गई। इसके बाद भवन निर्माण की अन्य औपचारिकताएं भी शुरू कर दी गईं। सरपंच सुखराज सिंह, कैलाश सैनी, सुरेंदर गोयल, जसपाल, शिवराम सैनी, लवली बक्शी, अवतार सिंह, राकेश कुमार ने बताया कि छप्पर सरस्वतीनगर से करीब पांच किलोमीटर दूर है। भवन के लिए चयनित भूमि नेशनल हाईवे पर स्थित है, जो कि खतरे से खाली नहीं है। यह घोषणा वास्तविक रूप से सरस्वती नगर की पंचायत जमीन पर बनाने के लिए की गई थी। परंतु इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद नगरवासियों में काफी रोष है। लोगों का कहना है कि सरस्वतीनगर के राजकीय विद्यालय के भवन में महाविद्यालय की 2019 से नियमित कक्षाएं चल रही हैं और आसपास विद्यार्थी पढ़ाई के लिए आ रहे हैं। हर वर्ष सीटें और विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ रही है।
सरस्वती नगर के सरपंच सुखराज सिंह ने बताया कि इसके लिए पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है। दिसंबर 2023 में डीसी के संज्ञान में भी लाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने घोषणा की अवमानना की है। उन्होंने सरकार से अपील की है कि इस मामले का फैसला आने तक भवन निर्माण की कार्रवाई आगे न बढ़ाई जाए।

विद्यालय के भवन में चल रहा सरस्वतीनगर का राजकीय महाविद्यालय। आर्काइव