{"_id":"69b7f5be869890d4a90594b3","slug":"demand-for-transparency-and-adherence-to-rules-in-government-hospitals-bilaspur-news-c-92-1-bls1001-156054-2026-03-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bilaspur News: सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और नियमों के पालन की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bilaspur News: सरकारी अस्पतालों में पारदर्शिता और नियमों के पालन की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
Updated Mon, 16 Mar 2026 11:48 PM IST
विज्ञापन
घुमारवीं में बीएमओ को ज्ञापन सौंपते डेंटल हेल्थ सर्विसेज एंड वेलफेयर सोसायटी के सदस्य। स्रोत: स
विज्ञापन
बीएमओ घुमारवीं से मिला डेंटल हेल्थ सर्विसेज एंड वेलफेयर सोसायटी का प्रतिनिधिमंडल
कहा, मरीजों से आरकेएस के प्रावधानों के अनुसार ही लिया जाए शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल डेंटल हेल्थ सर्विसेज एंड वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपम शर्मा से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और सरकारी नियमों के सख्ती से पालन को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की
सोसायटी के सदस्यों ने मांग उठाई कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की ओर से निजी प्रैक्टिस न करने से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि यदि इन नियमों का सही ढंग से पालन किया जाता है तो मरीजों को सरकारी संस्थानों में बेहतर और निष्पक्ष स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि अस्पताल की डेंटल ओपीडी और संबंधित स्थानों के बाहर सभी अधिकृत डेंटल प्रक्रियाओं की सूची और उनकी रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के अनुसार निर्धारित दरें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएं। यह जानकारी ऐसे सूचना बोर्ड पर लिखी जाए जो मरीजों और आम लोगों को आसानी से दिखाई दे। साथ ही बोर्ड पर हिंदी भाषा में भी विवरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि मरीजों को उपचार और उससे संबंधित शुल्क की जानकारी पहले से मिल सके और किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न बने। सोसायटी के सदस्यों ने यह भी मांग की कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी मरीज से किसी भी प्रकार का नकद या अवैध भुगतान न लिया जाए। यदि किसी प्रक्रिया के लिए निर्धारित शुल्क हो तो वह केवल सरकारी नियमों और आरकेएस के प्रावधानों के अनुसार ही लिया जाए और मरीज को उसकी विधिवत रसीद भी प्रदान की जाए। सोसायटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों का विश्वास भी मजबूत होगा। बीएमओ घुमारवीं ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उठाए गए मुद्दों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. केशव, डॉ. अमित, डॉ. शिवम, डॉ. रक्षित, डॉ. बनिंदर, डॉ. नीरजा, डॉ. ऋचा, डॉ. अक्षय और डॉ. राहुल शामिल रहे।
Trending Videos
कहा, मरीजों से आरकेएस के प्रावधानों के अनुसार ही लिया जाए शुल्क
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल डेंटल हेल्थ सर्विसेज एंड वेलफेयर सोसायटी के सदस्यों का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को खंड चिकित्सा अधिकारी घुमारवीं डॉ. अनुपम शर्मा से मिला। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी बनाने और सरकारी नियमों के सख्ती से पालन को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की
सोसायटी के सदस्यों ने मांग उठाई कि सरकारी अस्पतालों में कार्यरत चिकित्सकों की ओर से निजी प्रैक्टिस न करने से संबंधित नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना था कि यदि इन नियमों का सही ढंग से पालन किया जाता है तो मरीजों को सरकारी संस्थानों में बेहतर और निष्पक्ष स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने आग्रह किया कि अस्पताल की डेंटल ओपीडी और संबंधित स्थानों के बाहर सभी अधिकृत डेंटल प्रक्रियाओं की सूची और उनकी रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) के अनुसार निर्धारित दरें स्पष्ट रूप से प्रदर्शित की जाएं। यह जानकारी ऐसे सूचना बोर्ड पर लिखी जाए जो मरीजों और आम लोगों को आसानी से दिखाई दे। साथ ही बोर्ड पर हिंदी भाषा में भी विवरण उपलब्ध कराया जाए, ताकि मरीजों को उपचार और उससे संबंधित शुल्क की जानकारी पहले से मिल सके और किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति न बने। सोसायटी के सदस्यों ने यह भी मांग की कि सरकारी अस्पतालों में किसी भी मरीज से किसी भी प्रकार का नकद या अवैध भुगतान न लिया जाए। यदि किसी प्रक्रिया के लिए निर्धारित शुल्क हो तो वह केवल सरकारी नियमों और आरकेएस के प्रावधानों के अनुसार ही लिया जाए और मरीज को उसकी विधिवत रसीद भी प्रदान की जाए। सोसायटी के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह की व्यवस्था लागू होने से अस्पतालों में पारदर्शिता बढ़ेगी और मरीजों का विश्वास भी मजबूत होगा। बीएमओ घुमारवीं ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि उठाए गए मुद्दों पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। इस प्रतिनिधिमंडल में डॉ. केशव, डॉ. अमित, डॉ. शिवम, डॉ. रक्षित, डॉ. बनिंदर, डॉ. नीरजा, डॉ. ऋचा, डॉ. अक्षय और डॉ. राहुल शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन