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Bilaspur News: एनएच पर अवैध एक्सेस और अतिक्रमण हटाने में धीमी कार्रवाई पर हाईकोर्ट सख्त

संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर Updated Sun, 24 May 2026 11:51 PM IST
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High Court strict on slow action in removing illegal access and encroachment on NH
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मंडी सदर के एसडीएम की कार्यप्रणाली पर जताया असंतोष
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कार्रवाई नहीं होने पर कोर्ट में पेश होने की चेतावनी
सुंदरनगर में 56 अवैध एक्सेस और 20 अतिक्रमण अब भी बाकी
मंडी, कुल्लू प्रशासन से मांगी ताजा स्टेटस रिपोर्ट, 28 जुलाई को अगली सुनवाई

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। हाईकोर्ट हिमाचल प्रदेश ने मंडी और कुल्लू जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे अवैध एक्सेस (अवैध रास्ते) और अतिक्रमण हटाने के मामलों में धीमी कार्रवाई पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश विपिन सी नेगी की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया कि कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध रास्ते और अतिक्रमण अब भी मौजूद हैं। मामला जनहित याचिका में सामने आया। सुनवाई के दौरान मंडी और कुल्लू जिला प्रशासन की ओर से दायर हलफनामों पर अदालत ने विस्तार से विचार किया।
मंडी के उपायुक्त द्वारा दायर हलफनामे के अनुसार सुंदरनगर क्षेत्र में कुल 117 अवैध एक्सेस चिह्नित किए गए थे। इनमें से 61 हटाए जा चुके हैं, जबकि 56 अभी भी मौजूद हैं। इसी तरह 43 अतिक्रमणों में से 23 हटाए गए हैं और 20 अतिक्रमण अब भी शेष हैं। अदालत ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने अवैध एक्सेस सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए खतरा बन सकते हैं। बल्ह उपमंडल की रिपोर्ट में बताया गया कि यहां 47 अवैध एक्सेस में से 30 हटाए गए हैं, जबकि 17 अब भी लंबित हैं। 21 अतिक्रमणों में से 12 हटाए गए हैं और नौ मामलों में अभी कार्रवाई बाकी है। कोर्ट ने कहा कि केवल आंशिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं मानी जा सकती और लंबित मामलों को जल्द निपटाना जरूरी है। सुनवाई के दौरान अदालत ने मंडी सदर के एसडीएम की रिपोर्ट पर विशेष टिप्पणी की। रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में केवल 10 होर्डिंग और बोर्ड हटाए गए हैं, जबकि 51 मामलों में अवैध एक्सेस और अतिक्रमण अब भी लंबित हैं। खंडपीठ ने कहा कि संबंधित अधिकारी की ओर से “कुछ भी सार्थक नहीं किया गया” प्रतीत होता है। अदालत ने निर्देश दिए कि अगली सुनवाई से पहले आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, अन्यथा संबंधित एसडीएम को अदालत में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा। इसके विपरीत बालीचौकी के एसडीएम की रिपोर्ट में बताया गया कि वहां छह अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं और अब कोई मामला लंबित नहीं है। अदालत ने इस कार्रवाई का संज्ञान लिया।
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कुल्लू के उपायुक्त द्वारा दायर हलफनामे में बताया गया कि जिले में 22 अतिक्रमण पाए गए थे, जिनमें से 11 हटाए जा चुके हैं। शेष 11 लोगों को अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। भुंतर तहसील में 60 अतिक्रमण पाए गए थे और प्रशासन ने दावा किया कि सभी अतिक्रमण हटा दिए गए हैं। इसके अलावा पतलीकूहल से 18 मील तक एनएचएआई की भूमि पर लगाए गए बोर्ड और होर्डिंग भी हटाए गए हैं। प्रशासन ने अदालत को बताया कि एनएचएआई द्वारा अधिग्रहित भूमि पर कुछ लोगों ने सुरक्षा दीवारें और रिटेनिंग वॉल बना ली थीं। ऐसे लोगों को 24 दिसंबर 2025 के पत्र के माध्यम से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासन ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे नए अतिक्रमण न हों, इसके लिए लगातार निगरानी और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। अदालत ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा दाखिल हलफनामे लगभग पांच महीने पुराने हैं, इसलिए वर्तमान स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित अधिकारियों को नई स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को होगी।
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