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Bilaspur News: संपत्ति बिक्री मामले में 78 वर्षीय बुजुर्ग को राहत
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पुनरीक्षण याचिका में देरी माफ, अदालत ने मेरिट पर सुनवाई का दिया अवसर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने संपत्ति बिक्री से जुड़े मामले में 78 वर्षीय बुजुर्ग की पुनरीक्षण याचिका दायर करने में हुई देरी माफ कर दी। अदालत ने कहा कि देरी कम अवधि की है और आवेदक की उम्र व परिस्थितियों को देखते हुए उसे मेरिट पर सुनवाई का अवसर दिया जाना न्यायहित में है। मामला घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत भरण-पोषण राशि की वसूली से जुड़ा है। निचली अदालत ने 24 जनवरी 2025 को संपत्ति की बिक्री के लिए वारंट जारी किया था। बुजुर्ग का दावा था कि भूमि उसकी व्यक्तिगत संपत्ति है और दूसरे पक्ष का उसमें कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि संपत्ति पर अधिकार का मामला मुख्य पुनरीक्षण याचिका में तय होगा। देरी माफ करने से प्रतिवादी को गंभीर नुकसान नहीं होगा, जबकि आवेदन खारिज होने पर बुजुर्ग को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिलेगा। अदालत ने देरी माफी का आवेदन मंजूर कर इसे मुख्य केस फाइल के साथ संलग्न करने के आदेश दिए।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बिलासपुर की अदालत ने संपत्ति बिक्री से जुड़े मामले में 78 वर्षीय बुजुर्ग की पुनरीक्षण याचिका दायर करने में हुई देरी माफ कर दी। अदालत ने कहा कि देरी कम अवधि की है और आवेदक की उम्र व परिस्थितियों को देखते हुए उसे मेरिट पर सुनवाई का अवसर दिया जाना न्यायहित में है। मामला घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत भरण-पोषण राशि की वसूली से जुड़ा है। निचली अदालत ने 24 जनवरी 2025 को संपत्ति की बिक्री के लिए वारंट जारी किया था। बुजुर्ग का दावा था कि भूमि उसकी व्यक्तिगत संपत्ति है और दूसरे पक्ष का उसमें कोई अधिकार नहीं है। अदालत ने कहा कि संपत्ति पर अधिकार का मामला मुख्य पुनरीक्षण याचिका में तय होगा। देरी माफ करने से प्रतिवादी को गंभीर नुकसान नहीं होगा, जबकि आवेदन खारिज होने पर बुजुर्ग को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिलेगा। अदालत ने देरी माफी का आवेदन मंजूर कर इसे मुख्य केस फाइल के साथ संलग्न करने के आदेश दिए।