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Chamba News: छोटी बीमारी, सफर बड़ा, इलाज बना इम्तिहान
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Sat, 28 Mar 2026 10:52 PM IST
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ग्राम पंचयात नड्डल का खंडीउल गांव। संवाद
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नड्डल के ग्रामीणों को सर्दी-जुकाम की दवाई के लिए भी लगानी पड़ रही 25 से 60 किमी की दौड़
स्वास्थ्य केंद्र न होने से बढ़ीं दिक्कतें, सालों से 12 पंचायतों के ग्रामीण उठा रहे पीएससी की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। नड्डल पंचायत में बीमारी का मतलब अब दवा नहीं, बल्कि लंबा और थकाऊ सफर हो गया है। सर्दी-जुकाम जैसी आम समस्या भी लोगों को कई किलोमीटर का सफर करने पर मजबूर कर देती है।
रास्तों की कठिनाई और साधनों की कमी इलाज को और मुश्किल बना देती है। नड्डल पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटी से छोटी बीमारी होने पर मरीज को 25 किमी दूर पीएचसी समाहा या 65 किमी दूर मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ता है।
क्षेत्र में पीएचसी न होने से पंचायत की 2800 की आबादी का मर्ज बढ़ा रहा है। पंचायत के तहत नगौड़, कियानी, नड्डल, सेरी, कुंडा, खल और जुतरहन वार्डों में समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को लंबा सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को होती है। खराब सड़कों और सीमित परिवहन साधनों के कारण समय पर इलाज मिलना और कठिन हो जाता है।
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पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा न होने से लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई बार मरीजों को 25 से 65 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। - कुलदीप कुमार, नगौड़
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सरकार, प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जल्द सुविधा नहीं मिली तो ग्रामीणों की और कठिनाइयां बढ़ेंगी। - तिलक राज, नड्डल
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आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार वाहन की व्यवस्था भी तुरंत नहीं हो पाती। इससे मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। - सुरेश कुमार
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कई बार मरीजों को 25 से 65 किलोमीटर तक सफर करना पड़ता है लेकिन रास्ते और वाहन की समस्या के कारण हालत और बिगड़ जाती है। प्रशासन को इस ओर तुरंत कदम उठाने चाहिए। - मीर चंद
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बार-बार मांग करने के बावजूद पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। लोगों को मजबूरी में दूरदराज अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। - कुलदीप कुमार, नड्डल
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ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर पंचायत स्तर से प्रस्ताव पारित कर सौंपें। इसे स्वीकृति के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा। सरकार और विभाग के निर्देशानुसार क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। - डॉ. जालम भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
तेलका (चंबा)। नड्डल पंचायत में बीमारी का मतलब अब दवा नहीं, बल्कि लंबा और थकाऊ सफर हो गया है। सर्दी-जुकाम जैसी आम समस्या भी लोगों को कई किलोमीटर का सफर करने पर मजबूर कर देती है।
रास्तों की कठिनाई और साधनों की कमी इलाज को और मुश्किल बना देती है। नड्डल पंचायत में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छोटी से छोटी बीमारी होने पर मरीज को 25 किमी दूर पीएचसी समाहा या 65 किमी दूर मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ता है।
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क्षेत्र में पीएचसी न होने से पंचायत की 2800 की आबादी का मर्ज बढ़ा रहा है। पंचायत के तहत नगौड़, कियानी, नड्डल, सेरी, कुंडा, खल और जुतरहन वार्डों में समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं है। आपातकालीन स्थिति में भी लोगों को लंबा सफर करना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को होती है। खराब सड़कों और सीमित परिवहन साधनों के कारण समय पर इलाज मिलना और कठिन हो जाता है।
पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा न होने से लोगों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। रात के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। कई बार मरीजों को 25 से 65 किलोमीटर का सफर करना पड़ता है। - कुलदीप कुमार, नगौड़
सरकार, प्रशासन को इस ओर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। इतनी बड़ी आबादी के बावजूद स्वास्थ्य केंद्र न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। जल्द सुविधा नहीं मिली तो ग्रामीणों की और कठिनाइयां बढ़ेंगी। - तिलक राज, नड्डल
आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना सबसे बड़ी चुनौती बन जाता है। कई बार वाहन की व्यवस्था भी तुरंत नहीं हो पाती। इससे मरीजों की हालत बिगड़ जाती है। - सुरेश कुमार
कई बार मरीजों को 25 से 65 किलोमीटर तक सफर करना पड़ता है लेकिन रास्ते और वाहन की समस्या के कारण हालत और बिगड़ जाती है। प्रशासन को इस ओर तुरंत कदम उठाने चाहिए। - मीर चंद
बार-बार मांग करने के बावजूद पंचायत में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। लोगों को मजबूरी में दूरदराज अस्पतालों का रुख करना पड़ता है। - कुलदीप कुमार, नड्डल
ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को लेकर पंचायत स्तर से प्रस्ताव पारित कर सौंपें। इसे स्वीकृति के लिए स्वास्थ्य विभाग को भेजा जाएगा। सरकार और विभाग के निर्देशानुसार क्षेत्र में स्वास्थ्य केंद्र खोला जाएगा। - डॉ. जालम भारद्वाज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी