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Chamba News: खेतों के बाद अब घरों तक पहुंच रहे बंदर
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कामला में बढ़ा आतंक, छतों पर मचा रहे उत्पात
किसानों की फसलों को भी पहुंचा रहे भारी नुकसान
बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। ग्राम पंचायत कामला में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां बंदर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते थे, वहीं अब वे घरों की छतों और आंगन तक पहुंचने लगे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग अपने छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़ने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के झुंड दिनभर घरों के आसपास घूमते रहते हैं। वे घरों के बाहर रखा सामान उठाकर ले जाते हैं और कई बार छतों पर चढ़कर उत्पात मचाते हैं। अचानक घरों के आसपास बंदरों के पहुंचने से लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों कुलभूषण उपमन्यु, सुरेश कुमार, माधो राम, दौलत राम, मान सिंह आदि ने बताया कि बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण खेतीबाड़ी पहले ही प्रभावित हो चुकी है। अब घरों तक उनकी पहुंच ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी अप्रिय घटना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं। रेंज वन अधिकारी बरयाम गुलेरिया ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। इस समस्या का जल्द समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे।
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किसानों की फसलों को भी पहुंचा रहे भारी नुकसान
बच्चों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
सिहुंता (चंबा)। ग्राम पंचायत कामला में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले जहां बंदर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचाते थे, वहीं अब वे घरों की छतों और आंगन तक पहुंचने लगे हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग अपने छोटे बच्चों को घर पर अकेला छोड़ने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बंदरों के झुंड दिनभर घरों के आसपास घूमते रहते हैं। वे घरों के बाहर रखा सामान उठाकर ले जाते हैं और कई बार छतों पर चढ़कर उत्पात मचाते हैं। अचानक घरों के आसपास बंदरों के पहुंचने से लोगों, खासकर महिलाओं और बच्चों में भय का माहौल बना रहता है। स्थानीय लोगों कुलभूषण उपमन्यु, सुरेश कुमार, माधो राम, दौलत राम, मान सिंह आदि ने बताया कि बंदरों की बढ़ती संख्या के कारण खेतीबाड़ी पहले ही प्रभावित हो चुकी है। अब घरों तक उनकी पहुंच ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो किसी अप्रिय घटना से भी इन्कार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि बंदरों के बढ़ते आतंक से लोगों को राहत दिलाने के लिए जल्द प्रभावी कदम उठाए जाएं। रेंज वन अधिकारी बरयाम गुलेरिया ने बताया कि मामला ध्यान में लाया गया है। इस समस्या का जल्द समाधान करने के प्रयास किए जाएंगे।
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