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Chamba News: जरूरत तीन बैग खाद की, मिल रहा सिर्फ एक
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जरूरत तीन बैग खाद की, मिल रहा सिर्फ एक
यूरिया की कमी से किसानों को हो रही परेशानी
सरकारी गोदाम खाली, निजी दुकानों का कर रहे रुख
मक्की की फसल के समय खाद की कमी से बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में मक्की की फसल के लिए यूरिया की बढ़ती मांग के बीच किसानों को खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी गोदामों में यूरिया का स्टॉक खत्म होने के कारण किसान निजी विक्रेताओं से खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, निजी दुकानों पर भी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। कई स्थानों पर एक किसान को केवल एक बैग ही दिया जा रहा है।
जिले में करीब 30 हजार बैग यूरिया (खाद) की मांग भेजी गई है लेकिन चार माह से नई खेप नहीं पहुंची है। ऐसे में मक्की की फसल के लिए यूरिया की आवश्यकता पड़ने पर किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसानों दलजीत कुमार, सोभिया राम, चतरो राम, जर्म सिंह और महिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी मुख्य फसल मक्की है। इसके लिए इस समय दो से तीन बैग यूरिया की आवश्यकता होती है। सरकारी गोदाम खाली होने के कारण वे निजी दुकानों का रुख करने के लिए मजबूर हैं लेकिन वहां भी केवल एक बैग ही दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार खाद न मिलने से कई किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं हुई तो फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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हिमफेड के प्रभारी गगन ने बताया कि सरकारी यूरिया की नई खेप जल्द गोदामों में पहुंचने वाली है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में खाद उपलब्ध होने पर किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खाद वितरित की जाएगी।
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यूरिया की कमी से किसानों को हो रही परेशानी
सरकारी गोदाम खाली, निजी दुकानों का कर रहे रुख
मक्की की फसल के समय खाद की कमी से बढ़ी चिंता
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। जिले में मक्की की फसल के लिए यूरिया की बढ़ती मांग के बीच किसानों को खाद की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी गोदामों में यूरिया का स्टॉक खत्म होने के कारण किसान निजी विक्रेताओं से खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं। हालांकि, निजी दुकानों पर भी किसानों को जरूरत के अनुसार खाद उपलब्ध नहीं हो रही है। कई स्थानों पर एक किसान को केवल एक बैग ही दिया जा रहा है।
जिले में करीब 30 हजार बैग यूरिया (खाद) की मांग भेजी गई है लेकिन चार माह से नई खेप नहीं पहुंची है। ऐसे में मक्की की फसल के लिए यूरिया की आवश्यकता पड़ने पर किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
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किसानों दलजीत कुमार, सोभिया राम, चतरो राम, जर्म सिंह और महिंद्र सिंह ने बताया कि उनकी मुख्य फसल मक्की है। इसके लिए इस समय दो से तीन बैग यूरिया की आवश्यकता होती है। सरकारी गोदाम खाली होने के कारण वे निजी दुकानों का रुख करने के लिए मजबूर हैं लेकिन वहां भी केवल एक बैग ही दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार खाद न मिलने से कई किसानों को मायूस होकर लौटना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं हुई तो फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है।
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हिमफेड के प्रभारी गगन ने बताया कि सरकारी यूरिया की नई खेप जल्द गोदामों में पहुंचने वाली है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में खाद उपलब्ध होने पर किसानों को निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खाद वितरित की जाएगी।