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Chamba News: अब 35 नहीं, एक किमी जंगल से गुजरेगी 33 केवी बिजली लाइन

संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा Updated Wed, 08 Apr 2026 10:47 PM IST
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Now, not 35, but 33 KV power lines will pass through one kilometer of forest.
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संयुक्त निरीक्षण में लाइन को सड़क के रास्ते लेकर जाने में बनी सहमति
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दो स्थानों पर चंद्रभागा नदी करेगी पार, एक हेक्टेयर वन भूमि से भी गुजरेगी
एक हेक्टेयर वन भूमि में एफआरए के तहत डीएफओ को स्वीकृति देने की है शक्ति
प्रवीण कुमार
चंबा। लाहौल से पांगी जा रही 33 केवी विद्युत लाइन अब 35 किलोमीटर नहीं, बल्कि एक किलोमीटर जंगल के रास्ते से जाएगी। बिजली बोर्ड ने अब इस लाइन को बीआरओ और लोक निर्माण विभाग की सड़क से लेकर जाने का फैसला लिया है।
अब हरे-भरे देवदार के सैकड़ों पेड़ बर्बाद होने से बच जाएंगे। इतना ही नहीं, एक हेक्टेयर के लिए बिजली बोर्ड वन विभाग से एफआरए की अनुमति भी लेगा। यह अनुमति डीएफओ अपने स्तर पर विभाग को दे सकता है। ऐसे में अब पांगी को 33 केवी बिजली लाइन की सुविधा भी मिल जाएगी और वन विभाग के जंगल भी बच जाएंगे। विधानसभा में इस मामले का मुद्दा उठने के बाद सरकार और प्रशासन हरकत में आ गए हैं। 30 मार्च को एसडीएम, बिजली बोर्ड अधिशासी अभियंता, डीएफओ, आरओ, बीओ, लोक निर्माण विभाग अधिशासी अभियंता, पटवारी और कानूनगो की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। इसमें फैसला लिया कि बिना एफसीए वन विभाग जंगल के रास्ते इस लाइन को गुजरने नहीं देगा। ऐसे में लाइन को सड़क के रास्ते लेकर जाना ही सही होगा। इसमें बिजली बोर्ड सहित अन्य सभी अधिकारियों ने भी अपनी सहमति जताई।
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33 केवी की लाइन शौर से होते हुए साच तक जाएगी। अब जंगल का केवल एक किलोमीटर का दायरा ही इस लाइन में आएगा। दो स्थानों पर यह लाइन चंद्रभागा नदी को पार करेगी। इसके लिए वन विभाग एफआरए में स्वीकृति देगा। तीन महीने बाद आखिरकार यह विवाद शांत होते हुए नजर आ रहा है।
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लाहौल से पांगी के लिए बिछाई जा रही 33 केवी लाइन पर 48 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जा रही है। इस कार्य को अंजाम देने से पहले बिजली बोर्ड ने वन विभाग से एफसीए अनुमति नहीं ली है। इस कारण पांगी में विभाग ने इस कार्य को रोक दिया। अब अलाइनमेंट को बदलकर एफआरए में अनुमति लेने की योजना बनाई है।

--वन मंडल अधिकारी पांगी रवि गुलेरिया ने बताया कि अब यह लाइन 35 किलोमीटर जंगल के रास्ते से नहीं जाएगी। एक किलोमीटर के लिए बिजली बोर्ड को एफआरए में स्वीकृति देने की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।

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