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Chamba News: लक्ष्मीनाथ मंदिर में धाम और भंडारे का शुल्क बढ़ाकर 11 हजार रुपये किया
Fri, 30 Oct 2026 10:56 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Fri, 30 Oct 2026 10:56 PM IST
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बजंतरी का मानदेय दोगुना, न्यास की संपत्तियों के आकलन के लिए गठित होगी चार सदस्यीय समिति
दुकानों और भूमि का होगा निरीक्षण, आसपास के प्राचीन मंदिरों को भी न्यास से जोड़ने पर विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में धाम और भंडारे के आयोजन के लिए अब 11 हजार रुपये शुल्क देना होगा। पहले यह राशि सात हजार रुपये थी।
मंदिर के बजंतरी का मासिक मानदेय भी 1500 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय शुक्रवार को बचत भवन में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में हुई मंदिर न्यास की बैठक में लिए गए।
बैठक में न्यास की दुकानों, भूमि और अन्य अचल संपत्तियों का आकलन करवाने का फैसला लिया गया। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित होगी, जो निरीक्षण कर रिपोर्ट और सुझाव देगी। दुकानों, स्टोर और अन्य संपत्तियों से मिलने वाले किराये की भी समीक्षा की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पुराना मंदिर चंबा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। इसकी स्थापत्य कला और विरासत के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जिन प्राचीन मंदिरों की अपनी प्रबंधन समितियां नहीं हैं, उन्हें लक्ष्मीनाथ मंदिर न्यास से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में शौचालयों के निर्माण को छोड़कर अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से करवाए जाएंगे, ताकि मंदिर का मूल स्वरूप सुरक्षित रहे। बैठक में नवनियुक्त गैर सरकारी सदस्यों ने भी सुझाव दिए। कार्यवाही एसडीएम चंबा चिराग शर्मा ने संचालित की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता हंसराज चौहान, तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर सहित न्यास के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।
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दुकानों और भूमि का होगा निरीक्षण, आसपास के प्राचीन मंदिरों को भी न्यास से जोड़ने पर विचार
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा। ऐतिहासिक श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में धाम और भंडारे के आयोजन के लिए अब 11 हजार रुपये शुल्क देना होगा। पहले यह राशि सात हजार रुपये थी।
मंदिर के बजंतरी का मासिक मानदेय भी 1500 से बढ़ाकर 3000 रुपये कर दिया गया है। यह निर्णय शुक्रवार को बचत भवन में उपायुक्त मुकेश रेपसवाल की अध्यक्षता में हुई मंदिर न्यास की बैठक में लिए गए।
बैठक में न्यास की दुकानों, भूमि और अन्य अचल संपत्तियों का आकलन करवाने का फैसला लिया गया। इसके लिए चार सदस्यीय समिति गठित होगी, जो निरीक्षण कर रिपोर्ट और सुझाव देगी। दुकानों, स्टोर और अन्य संपत्तियों से मिलने वाले किराये की भी समीक्षा की जाएगी।
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उपायुक्त ने कहा कि करीब एक हजार वर्ष पुराना मंदिर चंबा की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है। इसकी स्थापत्य कला और विरासत के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। जिन प्राचीन मंदिरों की अपनी प्रबंधन समितियां नहीं हैं, उन्हें लक्ष्मीनाथ मंदिर न्यास से जोड़ने की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी।
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उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में शौचालयों के निर्माण को छोड़कर अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्य भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के माध्यम से करवाए जाएंगे, ताकि मंदिर का मूल स्वरूप सुरक्षित रहे। बैठक में नवनियुक्त गैर सरकारी सदस्यों ने भी सुझाव दिए। कार्यवाही एसडीएम चंबा चिराग शर्मा ने संचालित की। इस दौरान पुलिस अधीक्षक बलदेव दत्त, जिला भाषा अधिकारी तुकेश शर्मा, अधिशासी अभियंता हंसराज चौहान, तहसीलदार भूपेंद्र कश्यप, सहायक अभियंता दिनेश कुमार, कनिष्ठ अभियंता नीतिका ठाकुर सहित न्यास के गैर सरकारी सदस्य मौजूद रहे।