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Chamba News: अछल नाले में हिमखंड गिरने से कटा दो गांवों का मुख्य मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी, चम्बा
Updated Wed, 01 Apr 2026 11:06 PM IST
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अछले नाले में गिरा हिमखंड।जाागरूक पाठक
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दो दिन बाद भी बर्फ हटाने या पैदल रास्ता बनाने की पहल नहीं कर पाया पीडब्ल्यूडी
ग्लेशियर के ऊबड़-खाबड़, फिसलन भरे मलबे से मीलों का सफर तय कर रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र में सर्दियां खत्म हो चुकी हैं लेकिन हिमखंड गिरने का सिलसिला जारी है। पांगी के तहत आने वाली ग्राम पंचायत मिंधल में बीते दिन अछल नाले में एक विशालकाय हिमखंड गिर गया।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र के दो प्रमुख गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है। हैरानी की बात है कि घटना को दो दिन बीत चुके हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से अब तक बर्फ हटाने या पैदल रास्ता बनाने की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस कारण स्थानीय ग्रामीणों को मीलों का सफर ग्लेशियर के ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरे मलबे के ऊपर से तय करना पड़ रहा है।
मार्ग अवरुद्ध होने का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। मिंधल पंचायत के धड़वास, अंच और दड़ोस गांव के दर्जनों बच्चे इसी रास्ते से होकर मिडिल स्कूल मिंधल और साच स्कूल की ओर जाते हैं। रास्ते में फैले भारी हिमखंड के कारण छोटे-छोटे बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर बर्फ के ऊंचे टीलों को पार करना पड़ रहा है। अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर इतना लापरवाह कैसे हो सकता है। किसी भी वक्त पैर फिसलने या बर्फ के धंसने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन प्रशासन अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ प्रतीत होता है। आमतौर पर परंपरा रही है कि जब भी अछल नाले में हिमखंड गिरता है तो लोक निर्माण विभाग तुरंत वहां लेबर तैनात कर देता है। इस बार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। दो दिन गुजर जाने के बाद भी मौके पर न तो लेबर दिखी और न ही कोई मशीनरी। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल कागजों पर ही मुस्तैदी दिखा रहा है जबकि धरातल पर लोग अपनी जान हथेली पर लेकर सफर करने को मजबूर हैं। ग्लेशियर के ऊपर से आवाजाही करना बुजुर्गों और बीमारों के लिए नामुमकिन सा हो गया है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और पांगी प्रशासन अछल नाले में तुरंत लेबर लगाकर बर्फ को काटा जाए और एक सुरक्षित पैदल मार्ग तैयार करने की मांग उठाई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता रवि कुमार ने बताया कि मार्ग बहाली का कार्य शुरू जल्द करवाया जाएगा।
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ग्लेशियर के ऊबड़-खाबड़, फिसलन भरे मलबे से मीलों का सफर तय कर रहे ग्रामीण
संवाद न्यूज एजेंसी
पांगी (चंबा)। जनजातीय क्षेत्र में सर्दियां खत्म हो चुकी हैं लेकिन हिमखंड गिरने का सिलसिला जारी है। पांगी के तहत आने वाली ग्राम पंचायत मिंधल में बीते दिन अछल नाले में एक विशालकाय हिमखंड गिर गया।
इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र के दो प्रमुख गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट गया है। हैरानी की बात है कि घटना को दो दिन बीत चुके हैं लेकिन लोक निर्माण विभाग की ओर से अब तक बर्फ हटाने या पैदल रास्ता बनाने की कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इस कारण स्थानीय ग्रामीणों को मीलों का सफर ग्लेशियर के ऊबड़-खाबड़ और फिसलन भरे मलबे के ऊपर से तय करना पड़ रहा है।
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मार्ग अवरुद्ध होने का सबसे बुरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ रहा है। मिंधल पंचायत के धड़वास, अंच और दड़ोस गांव के दर्जनों बच्चे इसी रास्ते से होकर मिडिल स्कूल मिंधल और साच स्कूल की ओर जाते हैं। रास्ते में फैले भारी हिमखंड के कारण छोटे-छोटे बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालकर बर्फ के ऊंचे टीलों को पार करना पड़ रहा है। अभिभावकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर इतना लापरवाह कैसे हो सकता है। किसी भी वक्त पैर फिसलने या बर्फ के धंसने से कोई बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन प्रशासन अभी भी गहरी नींद में सोया हुआ प्रतीत होता है। आमतौर पर परंपरा रही है कि जब भी अछल नाले में हिमखंड गिरता है तो लोक निर्माण विभाग तुरंत वहां लेबर तैनात कर देता है। इस बार विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। दो दिन गुजर जाने के बाद भी मौके पर न तो लेबर दिखी और न ही कोई मशीनरी। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग केवल कागजों पर ही मुस्तैदी दिखा रहा है जबकि धरातल पर लोग अपनी जान हथेली पर लेकर सफर करने को मजबूर हैं। ग्लेशियर के ऊपर से आवाजाही करना बुजुर्गों और बीमारों के लिए नामुमकिन सा हो गया है। ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग और पांगी प्रशासन अछल नाले में तुरंत लेबर लगाकर बर्फ को काटा जाए और एक सुरक्षित पैदल मार्ग तैयार करने की मांग उठाई है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता रवि कुमार ने बताया कि मार्ग बहाली का कार्य शुरू जल्द करवाया जाएगा।