{"_id":"69dbdac28300a1124f0ba008","slug":"women-wrote-the-story-of-success-through-hard-work-chamba-news-c-88-1-cmb1002-180162-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamba News: महिलाओं ने मेहनत से लिखी सफलता की इबारत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamba News: महिलाओं ने मेहनत से लिखी सफलता की इबारत
विज्ञापन
सरस्वती माता स्वयं सहायता समूह की महिलाएं
विज्ञापन
मैहला (चंबा)। जिले के मैहला खंड की 47 पंचायतों में स्वयं सहायता समूह आज ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहे हैं। इनमें मैहला पंचायत का सरस्वती माता स्वयं सहायता समूह अपनी लगन, मेहनत और लगातार मिली उपलब्धियों के कारण एक मजबूत पहचान बना चुका है। वर्ष 2022 में इस समूह का गठन ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से किया गया था।
गगन शर्मा को प्रधान और अनुराधा शर्मा को सचिव नियुक्त किया गया है। शुरुआत में नौ महिलाओं ने इस ग्रुप से जुड़कर काम शुरू किया। इनमें से सात महिलाएं आज भी सक्रिय रूप से अपने कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। वर्ष 2023 में समूह ने राखी निर्माण प्रतियोगिता में भाग लेकर खंड स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया और 1000 रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके बाद जिला स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए समूह ने तीसरा स्थान हासिल किया और 1100 रुपये की राशि पुरस्कार स्वरूप पाई। इन सफलताओं के बाद समूह ने चंबा में स्टॉल लगाकर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री शुरू की, जिसे लोगों से अच्छा प्रतिसाद मिला और महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। लगातार सफलता के बाद समूह को हिमिरा प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जिसने इनके जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया। अब 47 पंचायतों के स्वयं सहायता समूह अपने स्थानीय, जैविक और हस्तनिर्मित उत्पादों को एक साझा मंच के माध्यम से बाजार तक पहुंचा सकते हैंं। हिमिरा स्टोर के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को एक संगठित बाजार मिला, जहां उन्हें उचित मूल्य और पहचान दोनों प्राप्त हुए। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं।
इस समूह की सफलता ने अनुराधा शर्मा के जीवन को नई दिशा दी। उन्हें कृषि सखी और पशु सखी प्रशिक्षण मिला। इससे उन्हें आजीविका का स्थायी और मजबूत आधार प्राप्त हुआ। साथ ही समूह की उपलब्धियों के चलते उन्हें राष्ट्रपति भवन दिल्ली जाने का गौरवपूर्ण अवसर भी मिला। आज अनुराधा शर्मा केवल समूह की सचिव नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा बन चुकी हैं।
Trending Videos
गगन शर्मा को प्रधान और अनुराधा शर्मा को सचिव नियुक्त किया गया है। शुरुआत में नौ महिलाओं ने इस ग्रुप से जुड़कर काम शुरू किया। इनमें से सात महिलाएं आज भी सक्रिय रूप से अपने कार्यों को आगे बढ़ा रही हैं। वर्ष 2023 में समूह ने राखी निर्माण प्रतियोगिता में भाग लेकर खंड स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया और 1000 रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया। इसके बाद जिला स्तर पर भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए समूह ने तीसरा स्थान हासिल किया और 1100 रुपये की राशि पुरस्कार स्वरूप पाई। इन सफलताओं के बाद समूह ने चंबा में स्टॉल लगाकर अपने हस्तनिर्मित उत्पादों की बिक्री शुरू की, जिसे लोगों से अच्छा प्रतिसाद मिला और महिलाओं के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई। लगातार सफलता के बाद समूह को हिमिरा प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया, जिसने इनके जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया। अब 47 पंचायतों के स्वयं सहायता समूह अपने स्थानीय, जैविक और हस्तनिर्मित उत्पादों को एक साझा मंच के माध्यम से बाजार तक पहुंचा सकते हैंं। हिमिरा स्टोर के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को एक संगठित बाजार मिला, जहां उन्हें उचित मूल्य और पहचान दोनों प्राप्त हुए। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई और वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस समूह की सफलता ने अनुराधा शर्मा के जीवन को नई दिशा दी। उन्हें कृषि सखी और पशु सखी प्रशिक्षण मिला। इससे उन्हें आजीविका का स्थायी और मजबूत आधार प्राप्त हुआ। साथ ही समूह की उपलब्धियों के चलते उन्हें राष्ट्रपति भवन दिल्ली जाने का गौरवपूर्ण अवसर भी मिला। आज अनुराधा शर्मा केवल समूह की सचिव नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मजबूत प्रेरणा बन चुकी हैं।