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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Dharamshala: Penpa Tsering says dialogue is the only policy for a peaceful resolution of the Tibet issue

धर्मशाला: पेंपा छेरिंग बोले- तिब्बत मुद्दे के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद ही एकमात्र नीति

Wed, 28 Oct 2026 09:01 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला।
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 28 Oct 2026 09:01 PM IST
सार

गंगचेन क्यिशोंग स्थित काशाग सचिवालय में जर्मनी के तिब्बत कैलाश हाउस के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित संवाद सत्र में उन्होंने यह बात कही। विल्फ्रेड फेफर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के साथ इस दौरान तिब्बत के मुद्दे, चीन की भू-राजनीतिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर विस्तृत चर्चा हुई।

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Dharamshala: Penpa Tsering says dialogue is the only policy for a peaceful resolution of the Tibet issue
निर्वासित तिब्बत सरकार के प्रधानमंत्री सिक्योंग पेंपा छेरिंग। - फोटो : संवाद

विस्तार

केंद्रीय तिब्बती प्रशासन (सीटीए) के सिक्योंग पेंपा छेरिंग ने कहा कि सीटीए ने तिब्बत के मुद्दे के समाधान के लिए संवाद और शांतिपूर्ण प्रक्रिया को अपनी स्थायी नीति बनाया है। बुधवार को गंगचेन क्यिशोंग स्थित काशाग सचिवालय में जर्मनी के तिब्बत कैलाश हाउस के प्रतिनिधिमंडल के साथ आयोजित संवाद सत्र में उन्होंने यह बात कही। विल्फ्रेड फेफर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल के साथ इस दौरान तिब्बत के मुद्दे, चीन की भू-राजनीतिक स्थिति और अंतरराष्ट्रीय समर्थन पर विस्तृत चर्चा हुई।

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सिक्योंग पेंपा छेरिंग ने 14वें दलाई लामा के दृष्टिकोण और मार्गदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से मध्य मार्ग दृष्टिकोण (मिडिल वे अप्रोच) का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि समस्या का समाधान बातचीत और शांतिपूर्ण प्रयासों से ही संभव है। बैठक में चीन की वर्तमान भू-राजनीतिक स्थिति और तिब्बत पर उसके प्रभावों का भी विश्लेषण किया गया। संवाद सत्र में तिब्बती मुद्दे पर भारत सरकार के दीर्घकालिक समर्थन, अमेरिकी सरकार की भूमिका और वैश्विक स्तर पर तिब्बत समर्थकों से मिल रहे सहयोग पर विचार-विमर्श हुआ।
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इस दौरान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर तिब्बत की स्थिति और शांतिपूर्ण समाधान में विभिन्न देशों की भूमिका पर भी बात रखी गई। नेशनल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ तिब्बत (एनडीपीटी) के सहयोग से आयोजित इस सत्र में एनडीपीटी अध्यक्ष गेंडुन त्सेफेल, उपाध्यक्ष छेरिंग नामग्याल और सलाहकार थुपतेन न्येंडक भी मौजूद रहे।

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