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हिमाचल प्रदेश: बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में देर रात हादसा, दो बच्चे बाल-बाल बचे; महिला श्रद्धालु घायल
संवाद न्यूज एजेंसी, दियोटसिद्ध (हमीरपुर)
Published by: Akash Dubey
Updated Fri, 10 Apr 2026 09:12 AM IST
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सार
बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में 10 अप्रैल रात चट्टान गिरने से अमृतसर की एक महिला घायल हुई। उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर है। घटना के बाद सुरक्षा पर सवाल उठे हैं।
हमीरपुर में पहाड़ी दरकी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बाबा बालक नाथ मंदिर क्षेत्र में वीरवार रात सवा दस बजे पहाड़ी से चट्टान दरकने से अमृतसर निवासी एक महिला घायल हो गई है। बैरियर नंबर के एक समीप यह हादसा उस वक्त पेश आया है जब करीब 15 से 20 श्रद्धालुओं का जत्था मंदिर की ओर जा रहा था। उपचार के बाद महिला की हालत स्थिर बताई जा रही है। स्थानीय दुकानदारों और लोगों ने महिला को प्राथमिक उपचार देने के बाद ट्रस्ट के अस्थाई अस्पताल में पहुंचाया।
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घायल महिला की पहचान देवी (40), निवासी अमृतसर के रूप में हुई है। वह अपने दो बच्चों के साथ मंदिर में दर्शन के लिए पहुंची थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात करीब सवा दस बजे जैसे ही श्रद्धालु बैरियर नंबर के पास पहुंचे, तभी साथ लगती पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान नीचे आ गिरी। चट्टान सड़क पर गिरी और इसके टुकड़ों की चपेट में आने से महिला घायल हो गई, जबकि उसके दोनों बच्चे बाल-बाल बच गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद स्थानीय दुकानदारों और अन्य श्रद्धालुओं ने तत्परता दिखाते हुए घायल महिला को तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
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प्रवीण कुमार, दीपक कल्पेश ने बताया कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से शुरू की गई टैक्सी सेवा में उपलब्ध फर्स्ट एड किट की मदद से महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद उसे अस्थायी अस्पताल पहुंचाया गया। यहां पर भी महिला को प्राथमिक उपचार दिया गया है। महिला को घुटने और बाजू में चोट आई है, लेकिन उपचार के बाद उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। मंदिर मार्ग पर कई स्थानों पर ढलान वाली पहाड़ियां हैं, जहां से पत्थर गिरने का खतरा बना रहता है। कुछ महीने पहले भी मंदिर क्षेत्र में भूस्खलन के घटना सामने आई थी इस दौरान भी श्रद्धालु मलबे की चपेट में आने से बच गए थे। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदनशील स्थानों पर जालियां, चेतावनी बोर्ड और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
मंदिर अधिकारी सुभाष मल्होत्रा ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रभावित स्थान पर फेंसिंग की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। फिलहाल श्रद्धालुओं को दूसरे किनारे से सुरक्षित मार्ग से गुजरने के निर्देश दिए गए हैं। मौके पर मौजूद कर्मचारी और सुरक्षा कर्मियों को बचाव कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। घटना के सूचना मिलते ही एंबुलेंस भी मौके पर भेजी गई है।