Himachal News: हिमाचल प्रदेश की चार आईटीआई में एआई की होगी पढ़ाई, बनेंगी AI डाटा लैब; रैल में निर्माण शुरू
हिमाचल प्रदेश में आईटीआई रैल, आईटीआई शाहपुर, सुंदरनगर और सोलन में एआई डाटा लैब बनाई जाएगी। इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा खर्च केंद्र सरकार करेगी। पढ़ें पूरी खबर...
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हिमाचल प्रदेश के चार औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में इंडिया एआई मिशन के तहत एआई डाटा लैब बनाई जाएगी। इसमें आईटीआई रैल, आईटीआई शाहपुर, सुंदरनगर और सोलन शामिल है। रैल में डाटा लैब का निर्माण शुरू हो गया है। मिनिस्ट्री ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी(मेटी) से मिले दिशा निर्देशों के तहत प्रदेश में यह लैब बनाई जा रही हैं। प्रदेश सरकार ने ग्रेडिंग के तहत चार संस्थानों का नाम केंद्र सरकार को भेजा था। उसके चलते डाटा लैब के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्र सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय के तहत धन राशि खर्च की जानी है।
70 स्क्वायर मीटर की लैब के लिए बनने वाले कमरे पर प्रदेश सरकार की ओर से 20 लाख रुपये की धनराशि खर्च की जानी है। इसमें बिजली, पानी व फर्नीचर की व्यवस्था प्रदेश सरकार करेगी। इंफ्रास्ट्रक्चर का पूरा खर्च केंद्र सरकार करेगी। इसके लिए आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 25.48 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। पहले साल में सॉफ्टवेयर के लिए 50 हजार रुपये, दूसरे और तीसरे साल में भी पचास -पचास हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इसी तर्ज पर ऑल ट्रेनर और लैब में कार्य करने वाले व्यक्तियों के लिए प्रत्येक वर्ष में 14 लाख रुपये खर्च होंगे। तीन वर्षों में 42 लाख रुपये केंद्र सरकार की ओर से खर्च किए जाएंगे। तीन वर्षों में 68.98 लाख रुपये का बजट केंद्र सरकार की ओर से खर्च किया जाना प्रस्तावित है।
एआई मिशन के तहत प्रारंभिक चरण में 120 -120 घंटे का डाटा एनोटेटर्स का कोर्स करवाना प्रस्तावित है। इस कोर्स में मशीन लर्निंग एल्गोरिदम को बेहतर बनाने के लिए डाटा को लेबल करने और वर्गीकृत करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे हाई क्वालिटी डाटा तैयार हो सकेगा। इसके लिए अभ्यर्थी का दसवीं पास होना अनिवार्य है। दूसरी ओर डाटा क्यूरेटर असिस्टेंट का कोर्स भी इसी तर्ज पर करवाया जाएगा। इस तरह से प्रारंभिक चरण में दो कोर्सों के तहत कौशल विकसित करना योजना का मुख्य उद्देश्य है।
तकनीकी शिक्षा निदेशालय की ओर से प्राप्त आदेशों के तहत 70 स्क्वायर मीटर की लैब भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है। ताकि इंडिया एआई मिशन के तहत अति शीघ्र उपरोक्त कोर्सों को शुरू किया जा सके। -कपिल ठाकुर, प्रधानाचार्य, आईटीआई रैल