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Hamirpur (Himachal) News: चेक बाउंस मामले में समझौता, दोषी करार व्यक्ति बरी
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 01 Apr 2026 01:30 AM IST
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हमीरपुर। हमीरपुर जिला सत्र न्यायालय ने चेक बाउंस से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते के आधार पर अपीलकर्ता को दोषमुक्त कर दिया है।
यह मामला हाईटेक सतलुज मोटर्स बनाम भूपिंदर कुमार के बीच था। इससे पहले, विद्वान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 1, हमीरपुर ने 06 अगस्त 2024 को भूपिंदर कुमार को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था।
तब उन्हें 6 महीने के साधारण कारावास और 1,00,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी, जिसमें से 90,000 रुपये शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिए जाने थे। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ भूपिंदर कुमार ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने मामले को आपस में सुलझा लिया है।
अपीलकर्ता भूपिंदर कुमार ने पूरी राशि का भुगतान कर दिया है, जिसे शिकायतकर्ता पक्ष ने स्वीकार कर लिया और उन्हें इस मामले को खत्म करने में कोई आपत्ति नहीं थी। सत्र न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी ने समझौते को कानूनी और स्वैच्छिक मानते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई सजा के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने भूपिंदर कुमार को धारा 138 के आरोपों से बरी कर दिया है।
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यह मामला हाईटेक सतलुज मोटर्स बनाम भूपिंदर कुमार के बीच था। इससे पहले, विद्वान अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नंबर 1, हमीरपुर ने 06 अगस्त 2024 को भूपिंदर कुमार को नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत दोषी ठहराया था।
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तब उन्हें 6 महीने के साधारण कारावास और 1,00,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई थी, जिसमें से 90,000 रुपये शिकायतकर्ता को मुआवजे के तौर पर दिए जाने थे। निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ भूपिंदर कुमार ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को सूचित किया कि उन्होंने मामले को आपस में सुलझा लिया है।
अपीलकर्ता भूपिंदर कुमार ने पूरी राशि का भुगतान कर दिया है, जिसे शिकायतकर्ता पक्ष ने स्वीकार कर लिया और उन्हें इस मामले को खत्म करने में कोई आपत्ति नहीं थी। सत्र न्यायाधीश भुवनेश अवस्थी ने समझौते को कानूनी और स्वैच्छिक मानते हुए निचली अदालत द्वारा सुनाई सजा के आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने भूपिंदर कुमार को धारा 138 के आरोपों से बरी कर दिया है।