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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Hamirpur (Himachal) News ›   Every day more than 15 people in the district are becoming victims of dog bites.

Hamirpur (Himachal) News: जिला में हर दिन 15 से ज्यादा लोग डॉग बाइट का हो रहे शिकार

Thu, 23 Jul 2026 01:11 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.) Updated Thu, 23 Jul 2026 01:11 AM IST
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नवीन ठाकुर
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हमीरपुर। जिले में लावारिस कुत्तों का बढ़ता आतंक अब गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। शहरी निकाय, प्रशासन और पंचायतों की ओर से नसबंदी और जागरूकता अभियान चलाने के दावों के बावजूद डॉग बाइट के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जनवरी 2024 से जून 2026 तक जिले में 11 हजार से अधिक लोग कुत्तों के काटने का शिकार हुए हैं। यानी औसतन प्रतिदिन 15 से अधिक लोग एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और कामकाजी लोग शामिल हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में 4,269, वर्ष 2025 में 4,325 और वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में ही 2,406 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। यदि यही रफ्तार बनी रही तो वर्ष 2026 के अंत तक यह आंकड़ा पिछले वर्षों से भी अधिक हो सकता है।
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शहर के बाजारों, बस अड्डों, अस्पतालों, स्कूलों और रिहायशी क्षेत्रों में लावारिस कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते दिखाई देते हैं। कई बार ये राहगीरों, दोपहिया वाहन चालकों और बच्चों पर हमला कर देते हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी पंचायत स्तर पर इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
विशेषज्ञों के अनुसार बच्चों में डॉग बाइट का खतरा सबसे अधिक रहता है और समय पर उपचार न मिलने पर रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी का जोखिम बढ़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल घायलों का इलाज पर्याप्त नहीं है, बल्कि लावारिस कुत्तों की संख्या नियंत्रित करने, प्रभावी नसबंदी अभियान चलाने, कचरा प्रबंधन सुधारने और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिएं।

कुत्ता काटने के बाद ये उपाय अपनाएं
कुत्ता काटने के बाद घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन और बहते पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर चिकित्सकीय सलाह और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए। घरेलू उपचार या लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।


कोट
कुत्तों के काटने पर तुरंत अस्पताल जाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग के पास पर्याप्त मात्रा में एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध हैं। -डॉ. सुनील वर्मा, जिला कार्यक्रम अधिकारी
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