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कर्मचारियों से जुड़े वित्तीय मामलों का शीघ्र हो निपटारा : संघ
Fri, 07 Aug 2026 01:08 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 07 Aug 2026 01:08 AM IST
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डिडवीं टिक्कर /ताल (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश राजकीय टीजीटी कला संघ ने शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े लंबित वित्तीय मामलों का शीघ्र निपटारा करने की मांग उठाई है।
संघ का कहना है कि मेडिकल भत्ते, यात्रा भत्ते, मानदेय और न्यायालयों के आदेशों से जुड़े कई वित्तीय लाभ लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत आयोजित सेमिनारों के यात्रा भत्ते, पंचायत चुनाव ड्यूटी का मानदेय और जनगणना के प्रथम चरण के लिए घोषित 9,000 रुपये का मानदेय अभी तक जारी नहीं हुआ है।
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उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद कई मामलों में वित्तीय लाभों से संबंधित स्पीकिंग ऑर्डर स्कूल शिक्षा निदेशालय में लंबित हैं, जबकि स्वीकृत मामलों का भुगतान ट्रेजरी स्तर पर अटका हुआ है।
संघ के अनुसार करीब 400 टीजीटी शिक्षकों की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण, 4-9-14 लाभ, एरियर और वार्षिक वेतन वृद्धि से जुड़े मामले भी लंबित हैं। इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान की अनुदान राशि समय पर जारी न होने से स्कूलों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
संघ ने 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता, वेतन आयोग के एरियर और अन्य वित्तीय देयकों को जल्द जारी करने की मांग की है।
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संघ का कहना है कि मेडिकल भत्ते, यात्रा भत्ते, मानदेय और न्यायालयों के आदेशों से जुड़े कई वित्तीय लाभ लंबे समय से लंबित हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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संघ के प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कौशल और प्रदेश महासचिव विजय हीर ने कहा कि समग्र शिक्षा अभियान के तहत आयोजित सेमिनारों के यात्रा भत्ते, पंचायत चुनाव ड्यूटी का मानदेय और जनगणना के प्रथम चरण के लिए घोषित 9,000 रुपये का मानदेय अभी तक जारी नहीं हुआ है।
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उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद कई मामलों में वित्तीय लाभों से संबंधित स्पीकिंग ऑर्डर स्कूल शिक्षा निदेशालय में लंबित हैं, जबकि स्वीकृत मामलों का भुगतान ट्रेजरी स्तर पर अटका हुआ है।
संघ के अनुसार करीब 400 टीजीटी शिक्षकों की प्रवक्ता पद पर पदोन्नति के बाद वेतन निर्धारण, 4-9-14 लाभ, एरियर और वार्षिक वेतन वृद्धि से जुड़े मामले भी लंबित हैं। इसके अलावा समग्र शिक्षा अभियान की अनुदान राशि समय पर जारी न होने से स्कूलों के संचालन पर भी प्रभाव पड़ रहा है।
संघ ने 15 प्रतिशत महंगाई भत्ता, वेतन आयोग के एरियर और अन्य वित्तीय देयकों को जल्द जारी करने की मांग की है।