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Hamirpur (Himachal) News: 14 से 15 साल तक की किशोरियों को मुफ्त लगेगा सर्वाइकल कैंसर का टीका
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धर्मशाला। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए जल्द जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। पहले इसे ट्रायल बेस पर शुरू किया जाएगा। बाजार में महंगे दाम पर लगाए जा रहे टीके को स्वास्थ्य विभाग की ओर से 14 से 15 वर्ष के बीच की किशोरियों को एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका निशुल्क लगाया जाएगा।
परिजन नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में जाकर 14 से 15 वर्ष की किशोरी को वैक्सीन लगवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के पुख्ता सूत्रों के मुताबिक आगामी सप्ताह जल्द स्वास्थ्य विभाग की जिला टास्क फोर्स की बैठक डीसी कांगड़ा की अध्यक्षता में होगी। इस दौरान इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने की रणनीति बनाई जाएगी।
इसके बाद अभियान को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके पहले विभाग के कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग को पत्र मिल गया है। एचपीवी प्रजनन पथ का सबसे आम वायरल संक्रमण है। एचपीवी संक्रमण के अधिकतर मामले लक्षणहीन होते हैं और स्वत: ठीक हो जाते हैं।
एचपीवी के लगातार संक्रमण से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। वर्ष 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने की वैश्विक रणनीति तैयार की गई है। भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम सर्वाइकल कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर के लिए आयु-मानकीकृत अनुमान वर्ष 2022 में तय किया गया।
एचपीवी सामान्य वायरस है, जो आगे चलकर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का कारण बन सकता है। यह कैंसर देश में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। एचपीवी वैक्सीन बीमारी होने से पहले सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे कैंसर का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।
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परिजन नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में जाकर 14 से 15 वर्ष की किशोरी को वैक्सीन लगवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग के पुख्ता सूत्रों के मुताबिक आगामी सप्ताह जल्द स्वास्थ्य विभाग की जिला टास्क फोर्स की बैठक डीसी कांगड़ा की अध्यक्षता में होगी। इस दौरान इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू करने की रणनीति बनाई जाएगी।
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इसके बाद अभियान को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके पहले विभाग के कर्मचारियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी। प्रदेश सरकार की ओर से इस अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग को पत्र मिल गया है। एचपीवी प्रजनन पथ का सबसे आम वायरल संक्रमण है। एचपीवी संक्रमण के अधिकतर मामले लक्षणहीन होते हैं और स्वत: ठीक हो जाते हैं।
एचपीवी के लगातार संक्रमण से सर्वाइकल कैंसर हो सकता है। वर्ष 2030 तक सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने की वैश्विक रणनीति तैयार की गई है। भारत में महिलाओं में होने वाला दूसरा सबसे आम सर्वाइकल कैंसर है। सर्वाइकल कैंसर के लिए आयु-मानकीकृत अनुमान वर्ष 2022 में तय किया गया।
एचपीवी सामान्य वायरस है, जो आगे चलकर महिलाओं में गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का कारण बन सकता है। यह कैंसर देश में महिलाओं में कैंसर से होने वाली मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। एचपीवी वैक्सीन बीमारी होने से पहले सुरक्षा प्रदान करती है, जिससे कैंसर का जोखिम काफी हद तक कम किया जा सकता है।