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Hamirpur (Himachal) News: क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में स्टाफ की कमी से घटी प्रसव की संख्या
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धर्मशाला। क्षेत्रीय अस्पताल धर्मशाला में स्टाफ की कमी का असर अब सीधे तौर पर प्रसव सेवाओं पर दिखने लगा है। अस्पताल में प्रशिक्षित दाइयों के चार स्वीकृत पदों में से तीन पद खाली हैं। इसके चलते यहां होने वाले प्रसवों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
केवल एक ही प्रशिक्षित दाई होने की वजह से गर्भवती महिलाएं भी यहां आने से कतरा रही हैं। अस्पताल में केवल एक ही ओटीए (ऑपरेशन थियेटर सहायक) होने से भी सिजेरियन सर्जरी काफी कम हो रही हैं। धर्मशाला अस्पताल एक रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है।
अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में अस्पताल में 730 नॉर्मल प्रसव और 196 सिजेरियन सर्जरी हुई थीं। वहीं, वर्ष 2024 में 347 नॉर्मल प्रसव और 50 सिजेरियन सर्जरी हुई थीं। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घट गया और 336 नॉर्मल प्रसव और 47 सिजेरियन सर्जरी हुई थीं।
इसका मुख्य कारण धर्मशाला अस्पताल में स्त्री रोग चिकित्सकों की कमी भी रही है। हमेशा अस्पताल में एक ही स्त्री रोग चिकित्सक तैनात रहा है, जिसके चलते रात के समय अधिकतर महिलाओं को टांडा या निजी अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
हालांकि, अस्पताल में बेहतर सुविधाएं तो हैं, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने से इसे रेफरल अस्पताल का टैग मिल चुका है। आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल में होने वाले प्रसव में कितनी गिरावट आई है। संवाद
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केवल एक ही प्रशिक्षित दाई होने की वजह से गर्भवती महिलाएं भी यहां आने से कतरा रही हैं। अस्पताल में केवल एक ही ओटीए (ऑपरेशन थियेटर सहायक) होने से भी सिजेरियन सर्जरी काफी कम हो रही हैं। धर्मशाला अस्पताल एक रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है।
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अस्पताल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में अस्पताल में 730 नॉर्मल प्रसव और 196 सिजेरियन सर्जरी हुई थीं। वहीं, वर्ष 2024 में 347 नॉर्मल प्रसव और 50 सिजेरियन सर्जरी हुई थीं। वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घट गया और 336 नॉर्मल प्रसव और 47 सिजेरियन सर्जरी हुई थीं।
इसका मुख्य कारण धर्मशाला अस्पताल में स्त्री रोग चिकित्सकों की कमी भी रही है। हमेशा अस्पताल में एक ही स्त्री रोग चिकित्सक तैनात रहा है, जिसके चलते रात के समय अधिकतर महिलाओं को टांडा या निजी अस्पताल रेफर करना पड़ता है।
हालांकि, अस्पताल में बेहतर सुविधाएं तो हैं, लेकिन पर्याप्त स्टाफ न होने से इसे रेफरल अस्पताल का टैग मिल चुका है। आंकड़ों से अंदाजा लगाया जा सकता है कि अस्पताल में होने वाले प्रसव में कितनी गिरावट आई है। संवाद