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Hamirpur (Himachal) News: सीबीएसई पाठ्यक्रम के विरोध में छात्राओं ने जताया रोष
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Wed, 25 Feb 2026 12:35 AM IST
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हमीरपुर में गांधी चौक पर सीबीएसई को लेकर विरोध कन्या विद्यालय हमीरपुर की छात्राएं। संवाद
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हमीरपुर। राजकीय कन्या विद्यालय हमीरपुर को छात्र स्कूल हमीरपुर में मर्ज करने और सीबीएसई पाठ्यक्रम करने के विरोध में छात्राओं ने स्कूल परिसर से लेकर डीसी ऑफिस तक विरोध प्रदर्शन किया।
इस मौके पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया। एसएमसी के सदस्यों व अभिभावकों में संतोष कुमारी, मीना देवी सीमा देवी, रेणू बाला, नीलम, ज्योति देवी आदि का कहना है कि इससे एकाएक बच्चों पर बोझ पड़ेगा। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें सीबीएसई से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन यह सुविधा प्रारंभिक शिक्षा से शुरू की जानी चाहिए, ताकि वह शुरू से ही इसके अभ्यस्त हो सकें।
उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से शिक्षा ग्रहण की है, वह सीबीएसई का पैटर्न नहीं समझ सकेंगे। विरोध प्रदर्शन के बाद अभिभावकों ने एडीसी के माध्यम से शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक को भी ज्ञापन प्रेषित किया है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल को मर्ज किया जाता है तो कई विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने के लिए दस से 12 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कन्या विद्यालय को सीबीएसई से न जोड़ा जाए, ताकि बच्चों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।
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इस मौके पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्यों ने सरकार के इस फैसले का विरोध किया। एसएमसी के सदस्यों व अभिभावकों में संतोष कुमारी, मीना देवी सीमा देवी, रेणू बाला, नीलम, ज्योति देवी आदि का कहना है कि इससे एकाएक बच्चों पर बोझ पड़ेगा। अभिभावकों का कहना है कि उन्हें सीबीएसई से कोई परेशानी नहीं है, लेकिन यह सुविधा प्रारंभिक शिक्षा से शुरू की जानी चाहिए, ताकि वह शुरू से ही इसके अभ्यस्त हो सकें।
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उन्होंने कहा कि जिन बच्चों ने हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से शिक्षा ग्रहण की है, वह सीबीएसई का पैटर्न नहीं समझ सकेंगे। विरोध प्रदर्शन के बाद अभिभावकों ने एडीसी के माध्यम से शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री, शिक्षा सचिव व शिक्षा निदेशक को भी ज्ञापन प्रेषित किया है।
अभिभावकों का कहना है कि स्कूल को मर्ज किया जाता है तो कई विद्यार्थियों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने के लिए दस से 12 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कन्या विद्यालय को सीबीएसई से न जोड़ा जाए, ताकि बच्चों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े।