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आत्मविश्वास रखें, असफलता बनेगी सफलता की सीढ़ी : दिव्या
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Sat, 18 Apr 2026 01:26 AM IST
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-कृतिका,छात्रा।संवाद
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हमीरपुर। अगर हमारा आत्मविश्वास मजबूत है, तो कोई भी बाधा हमें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती। यदि हम मन में किसी कार्य को करने का दृढ़ संकल्प ले लें, तो उसे अवश्य पूरा करना चाहिए।
यह बात शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमीरपुर की इंचार्ज और ओलंपियन दिव्या ने कही।
उन्होंने छात्राओं को जूडो के माध्यम से आत्मरक्षा, नशे से बचाव, अपने अधिकारों, कॅरिअर और महिला सशक्तीकरण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच अभी भी पूरी तरह नहीं बदली है, इसलिए महिलाओं को अपने भीतर की अपराजिता को पहचानना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में असफलताओं से कभी हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि सफलता का रास्ता अक्सर असफलताओं के बाद ही मिलता है, इसलिए असफलता को सफलता की सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ें। हमें अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए, जिससे लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग आसान हो सके।
वहीं, कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से एमडी कम्युनिटी मेडिसिन की विशेषज्ञ डॉ. नीतिका काउंसलर के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर मासिक धर्म स्वच्छता और मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से राहत के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि दर्द के समय कई लड़कियां गूगल का सहारा लेती हैं, लेकिन इससे समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में किसी विशेषज्ञ से जांच करवाना अधिक उचित रहता है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
छात्राओं ने मासिक धर्म चक्र, पीसीओडी, एनीमिया और खान-पान से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर महाविद्यालय की उपप्राचार्य डॉ. नीलम गुलेरिया, डॉ. पवन वर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कोट्स
पीरियड्स के दौरान अक्सर परेशानी होती है। कार्यक्रम में डॉ. नीतिका ने दर्द निवारण को लेकर जरूरी टिप्स दिए हैं, जिनसे काफी सहायता मिलेगी। -कृतिका, छात्रा
आमतौर पर लड़कियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम में आत्म सुरक्षा को लेकर कई जानकारियां मिली हैं, जिनका आगामी समय में प्रयोग किया जाएगा। -खुशी, छात्रा
वर्तमान में नशा समाज के साथ युवा पीढ़ी के लिए बहुत बढ़ी चुनौती बन चुका है। लड़कियां भी नशे की चपेट में आ रही हैं। नशे से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम होने चाहिएं। -पलक, छात्रा
महाविद्यालय में अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों से बातचीत करने का मौका मिला, जिससे कई शंकाओं का समाधान हुआ। -नर्जला, छात्रा
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यह बात शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय हमीरपुर में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित अपराजिता 100 मिलियंस स्माइल्स कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हमीरपुर की इंचार्ज और ओलंपियन दिव्या ने कही।
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उन्होंने छात्राओं को जूडो के माध्यम से आत्मरक्षा, नशे से बचाव, अपने अधिकारों, कॅरिअर और महिला सशक्तीकरण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि समाज में महिलाओं के प्रति लोगों की सोच अभी भी पूरी तरह नहीं बदली है, इसलिए महिलाओं को अपने भीतर की अपराजिता को पहचानना होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि जीवन में असफलताओं से कभी हार नहीं माननी चाहिए, क्योंकि सफलता का रास्ता अक्सर असफलताओं के बाद ही मिलता है, इसलिए असफलता को सफलता की सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ें। हमें अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास करना चाहिए, जिससे लक्ष्य प्राप्ति का मार्ग आसान हो सके।
वहीं, कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज हमीरपुर से एमडी कम्युनिटी मेडिसिन की विशेषज्ञ डॉ. नीतिका काउंसलर के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं से संवाद कर मासिक धर्म स्वच्छता और मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द से राहत के उपाय बताए।
उन्होंने कहा कि दर्द के समय कई लड़कियां गूगल का सहारा लेती हैं, लेकिन इससे समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में किसी विशेषज्ञ से जांच करवाना अधिक उचित रहता है, ताकि किसी भी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।
छात्राओं ने मासिक धर्म चक्र, पीसीओडी, एनीमिया और खान-पान से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की। इस अवसर पर महाविद्यालय की उपप्राचार्य डॉ. नीलम गुलेरिया, डॉ. पवन वर्मा सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
कोट्स
पीरियड्स के दौरान अक्सर परेशानी होती है। कार्यक्रम में डॉ. नीतिका ने दर्द निवारण को लेकर जरूरी टिप्स दिए हैं, जिनसे काफी सहायता मिलेगी। -कृतिका, छात्रा
आमतौर पर लड़कियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। कार्यक्रम में आत्म सुरक्षा को लेकर कई जानकारियां मिली हैं, जिनका आगामी समय में प्रयोग किया जाएगा। -खुशी, छात्रा
वर्तमान में नशा समाज के साथ युवा पीढ़ी के लिए बहुत बढ़ी चुनौती बन चुका है। लड़कियां भी नशे की चपेट में आ रही हैं। नशे से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम होने चाहिएं। -पलक, छात्रा
महाविद्यालय में अन्य जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित होते हैं, लेकिन इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों से बातचीत करने का मौका मिला, जिससे कई शंकाओं का समाधान हुआ। -नर्जला, छात्रा

-कृतिका,छात्रा।संवाद

-कृतिका,छात्रा।संवाद

-कृतिका,छात्रा।संवाद

-कृतिका,छात्रा।संवाद

-कृतिका,छात्रा।संवाद

-कृतिका,छात्रा।संवाद

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