{"_id":"6a6b9d592f5275469c01c358","slug":"inspected-the-maize-crop-in-nadaun-and-provided-information-about-the-fall-armyworm-hamirpur-hp-news-c-94-1-ssml1011-202904-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hamirpur (Himachal) News: नादौन में मक्की की फसल का निरीक्षण कर फॉल आर्मी वर्म की दी जानकारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hamirpur (Himachal) News: नादौन में मक्की की फसल का निरीक्षण कर फॉल आर्मी वर्म की दी जानकारी
Fri, 31 Jul 2026 12:22 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 31 Jul 2026 12:22 AM IST
विज्ञापन
जसाई में मक्की की फसल का निरीक्षण करते कृषि विभाग के अधिकारी। संवाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रंगस (हमीरपुर)। कृषि विभाग नादौन की टीम ने वीरवार को जसाई में मक्की की फसल का निरीक्षण कर फॉल आर्मी वर्म की स्थिति का जायजा लिया। टीम में विषयवाद विशेषज्ञ कृषि विभाग नादौन डॉ. अंकुश शर्मा, कृषि विकास अधिकारी डॉ. भारत भूषण राणा और डॉ. पवन ठाकुर शामिल रहे।
अधिकारियों ने किसानों को कीट की पहचान, इसके लक्षण और नियंत्रण उपायों की जानकारी दी। उन्होंने खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण किया और किसानों को शुरुआती चरण में कीट की पहचान कर नियमित निगरानी रखने की सलाह दी।
उन्होंने किसानों से एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीक अपनाने, अंड समूह और शुरुआती अवस्था की सूंडियों को नष्ट करने तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने का आह्वान किया। आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग की अनुशंसित कीटनाशकों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
अधिकारियों ने किसानों से फसल में किसी भी प्रकार के कीट प्रकोप की जानकारी तुरंत नजदीकी कृषि कार्यालय को देने की अपील की, ताकि समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जा सके।
विज्ञापन
अधिकारियों ने किसानों को कीट की पहचान, इसके लक्षण और नियंत्रण उपायों की जानकारी दी। उन्होंने खेतों में जाकर फसल का निरीक्षण किया और किसानों को शुरुआती चरण में कीट की पहचान कर नियमित निगरानी रखने की सलाह दी।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों से एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) तकनीक अपनाने, अंड समूह और शुरुआती अवस्था की सूंडियों को नष्ट करने तथा संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन अपनाने का आह्वान किया। आवश्यकता पड़ने पर कृषि विभाग की अनुशंसित कीटनाशकों का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करने की सलाह दी गई।
विज्ञापन
अधिकारियों ने किसानों से फसल में किसी भी प्रकार के कीट प्रकोप की जानकारी तुरंत नजदीकी कृषि कार्यालय को देने की अपील की, ताकि समय पर तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध करवाया जा सके।