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Hamirpur (Himachal) News: अब कमजोर विद्यार्थियों के आधार होंगे मजबूत
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Fri, 30 Jan 2026 12:47 AM IST
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हमीरपुर। अब जिले के सरकारी स्कूलों में दाखिल कमजोर विद्यार्थियों के आधार भी मजबूत होंगे। समग्र शिक्षा के तहत लर्निंग एन्हांसमेंट कार्यक्रम के माध्यम से छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को वार्षिक परीक्षाओं के लिए तैयार किया जाएगा।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों के ज्ञान, समझ और कौशल का आकलन करने के लिए स्कूलों में विशेष टेस्ट आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनकी कमजोरियों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सके। विद्यार्थियों के लिए विषयवार और कक्षा अनुसार टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।
इन टेस्टों का उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति को समझना है, ताकि परिणामों के आधार पर यह पता लगाया जाए कि कौन से विद्यार्थी किन विषयों में कितना कमजोर हैं। इसके बाद शिक्षकों की ओर से विशेष रणनीति के तहत उन कमजोरियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्कूलों में तीन महीने पहले छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का डायग्नोस्टिक टेस्ट लिया गया है। टेस्ट में 25 फीसदी से कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों को सक्षम बनाने के लिए अब स्कूल प्रभारियों को 28 फरवरी तक प्रतिदिन जीरो पीरियड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कमजोर आधारों वाले विद्यार्थियों को सक्षम किया जा सके, जिससे उन्हें परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
कोट
स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के आधारों को मजबूत करने के लिए टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। टेस्ट का आयोजन विशेष तौर पर विद्यार्थियों के आधारों को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। -नवीन कुमार, डीपीओ एवं उपनिदेशक गुणवत्ता नियंत्रक
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कार्यक्रम में विद्यार्थियों के ज्ञान, समझ और कौशल का आकलन करने के लिए स्कूलों में विशेष टेस्ट आयोजित किए जाएंगे, ताकि उनकी कमजोरियों की पहचान कर समय रहते सुधार किया जा सके। विद्यार्थियों के लिए विषयवार और कक्षा अनुसार टेस्ट आयोजित किए जाएंगे।
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इन टेस्टों का उद्देश्य विद्यार्थियों की वास्तविक शैक्षणिक स्थिति को समझना है, ताकि परिणामों के आधार पर यह पता लगाया जाए कि कौन से विद्यार्थी किन विषयों में कितना कमजोर हैं। इसके बाद शिक्षकों की ओर से विशेष रणनीति के तहत उन कमजोरियों को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए स्कूलों में तीन महीने पहले छठी से बारहवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों का डायग्नोस्टिक टेस्ट लिया गया है। टेस्ट में 25 फीसदी से कम अंक लेने वाले विद्यार्थियों को सक्षम बनाने के लिए अब स्कूल प्रभारियों को 28 फरवरी तक प्रतिदिन जीरो पीरियड लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कमजोर आधारों वाले विद्यार्थियों को सक्षम किया जा सके, जिससे उन्हें परीक्षाओं में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
कोट
स्कूलों में पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों के आधारों को मजबूत करने के लिए टेस्ट आयोजित किए जाएंगे। स्कूल प्रमुखों को इस संदर्भ में दिशा-निर्देश दिए गए हैं। टेस्ट का आयोजन विशेष तौर पर विद्यार्थियों के आधारों को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। -नवीन कुमार, डीपीओ एवं उपनिदेशक गुणवत्ता नियंत्रक