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Hamirpur (Himachal) News: भोरंज बिजली सबडिवीजन का 30 साल पुराना भवन जर्जर, दो साल से निजी भवन में चल रहा कार्यालय
Thu, 23 Jul 2026 01:07 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Thu, 23 Jul 2026 01:07 AM IST
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जीवन सिंह
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भोरंज (हमीरपुर)। बिजली व्यवस्था के संचालन का केंद्र बिजली सबडिवीजन भोरंज का करीब 30 वर्ष पुराना सरकारी कार्यालय भवन अब अपनी बदहाली की कहानी बयां कर रहा है। लंबे समय से मरम्मत के अभाव में भवन जर्जर हो चुका है।
सुरक्षा कारणों के चलते करीब दो वर्ष पहले पूरे कार्यालय को निजी भवन में शिफ्ट करना पड़ा था। हालांकि, बिजली का मुख्य पैनल अभी भी पुराने भवन के धरातल पर ही मौजूद है। यहां काम करने वाले कर्मचारी भी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
इसके बावजूद भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि ऊपरी मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां कमजोर पड़ गई हैं। कई स्थानों पर सीमेंट उखड़ चुका है और सरिये दिखाई देने लगे हैं।
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छत के लैंटल से लगातार बजरी और प्लास्टर गिर रहा है। नमी के कारण दीवारें भी कमजोर होती जा रही हैं, जिससे भवन के भीतर प्रवेश करना जोखिम भरा हो गया है।
पिछले वर्ष विभाग ने केवल सीढ़ियों की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत किया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू किया गया, लेकिन जैसे ही पुरानी सीढ़ियों को तोड़ने का काम शुरू हुआ, पूरा भवन हिलने लगा। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा मानते हुए काम तुरंत रोक दिया।
अब पूरा भवन संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुका है, लेकिन नए बजट की स्वीकृति का इंतजार है। भवन की खिड़कियों के शीशे भी टूटने की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
-
बिजली बोर्ड को जल्द से जल्द भवन का तकनीकी निरीक्षण करवाना चाहिए। यदि भवन मरम्मत योग्य नहीं है तो उसे सुरक्षित तरीके से हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया कार्यालय भवन बनाया जाए। -जीवन सिंह, निवासी सम्मू
लंबे समय तक सरकारी भवन को इस तरह उपेक्षित छोड़ना न केवल सरकारी संपत्ति की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा बन सकता है। बोर्ड को जल्द उचित कदम उठाने चाहिएं। -सोनी कुमार, निवासी सम्मू
सरकारी कार्यालयों की समय-समय पर मरम्मत आवश्यक है। यदि मरम्मत नहीं होगी तो यह भवन उपयोग योग्य नहीं रहेंगे। उम्मीद है कि इस कार्यालय की जल्द मरम्मत होगी। -सचिन रांगड़ा, निवासी सम्मू
बरसात में जर्जर भवनों के गिरने की आशंका बनी रहती है। जर्जर भवन हादसों का कारण बनते हैं, इसलिए जल्द इनकी मरम्मत करवाई जानी चाहिए।
-विनोद रांगड़ा, निवासी सम्मू
कोट
मरम्मत के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। जैसे ही बजट आएगा, मरम्मत करवा दी जाएगी। -वीरेंद्र कुमार, एसडीओ, बिजली बोर्ड भोरंज
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सुरक्षा कारणों के चलते करीब दो वर्ष पहले पूरे कार्यालय को निजी भवन में शिफ्ट करना पड़ा था। हालांकि, बिजली का मुख्य पैनल अभी भी पुराने भवन के धरातल पर ही मौजूद है। यहां काम करने वाले कर्मचारी भी सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं।
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इसके बावजूद भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण को लेकर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। भवन की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि ऊपरी मंजिल तक जाने वाली सीढ़ियां कमजोर पड़ गई हैं। कई स्थानों पर सीमेंट उखड़ चुका है और सरिये दिखाई देने लगे हैं।
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छत के लैंटल से लगातार बजरी और प्लास्टर गिर रहा है। नमी के कारण दीवारें भी कमजोर होती जा रही हैं, जिससे भवन के भीतर प्रवेश करना जोखिम भरा हो गया है।
पिछले वर्ष विभाग ने केवल सीढ़ियों की मरम्मत के लिए बजट स्वीकृत किया था। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद कार्य शुरू किया गया, लेकिन जैसे ही पुरानी सीढ़ियों को तोड़ने का काम शुरू हुआ, पूरा भवन हिलने लगा। अधिकारियों ने इसे गंभीर सुरक्षा खतरा मानते हुए काम तुरंत रोक दिया।
अब पूरा भवन संरचनात्मक रूप से कमजोर हो चुका है, लेकिन नए बजट की स्वीकृति का इंतजार है। भवन की खिड़कियों के शीशे भी टूटने की स्थिति में पहुंच चुके हैं, जिससे कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
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बिजली बोर्ड को जल्द से जल्द भवन का तकनीकी निरीक्षण करवाना चाहिए। यदि भवन मरम्मत योग्य नहीं है तो उसे सुरक्षित तरीके से हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया कार्यालय भवन बनाया जाए। -जीवन सिंह, निवासी सम्मू
लंबे समय तक सरकारी भवन को इस तरह उपेक्षित छोड़ना न केवल सरकारी संपत्ति की बर्बादी है, बल्कि भविष्य में सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा बन सकता है। बोर्ड को जल्द उचित कदम उठाने चाहिएं। -सोनी कुमार, निवासी सम्मू
सरकारी कार्यालयों की समय-समय पर मरम्मत आवश्यक है। यदि मरम्मत नहीं होगी तो यह भवन उपयोग योग्य नहीं रहेंगे। उम्मीद है कि इस कार्यालय की जल्द मरम्मत होगी। -सचिन रांगड़ा, निवासी सम्मू
बरसात में जर्जर भवनों के गिरने की आशंका बनी रहती है। जर्जर भवन हादसों का कारण बनते हैं, इसलिए जल्द इनकी मरम्मत करवाई जानी चाहिए।
-विनोद रांगड़ा, निवासी सम्मू
कोट
मरम्मत के लिए एस्टीमेट भेजा गया है। जैसे ही बजट आएगा, मरम्मत करवा दी जाएगी। -वीरेंद्र कुमार, एसडीओ, बिजली बोर्ड भोरंज

जीवन सिंह

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