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Hamirpur (Himachal) News: मेडिकल कॉलेज में मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा में होगा विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Mon, 20 Apr 2026 12:45 AM IST
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर का भवन। संवाद
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हमीरपुर। मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में आंखों के मरीजों के लिए राहतभरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने यहां मोतियाबिंद के ऑपरेशन की सुविधा को मजबूत करते हुए फेको मशीनों की संख्या बढ़ाकर दो कर दी है।
पहले कॉलेज में केवल एक फेको मशीन उपलब्ध थी, जिसके कारण मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार तारीखें भी आगे बढ़ानी पड़ती थीं।
नई फेको मशीन के जुड़ने से अब ऑपरेशन की प्रक्रिया अधिक तेज और सुव्यवस्थित हो सकेगी। दो मशीनें होने से रोजाना पहले की तुलना में अधिक मरीजों के ऑपरेशन संभव होंगे। प्रत्येक मशीन की कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है।
मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दो से तीन जिलों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां प्रतिदिन करीब 1500 ओपीडी दर्ज की जाती है, जिसमें नेत्र विभाग में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं।
पहले एक ही मशीन पर निर्भरता के कारण काम का दबाव काफी अधिक रहता था, लेकिन अब अतिरिक्त मशीन मिलने से चिकित्सकों और स्टाफ को भी राहत मिलेगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि पहले सीमित संसाधनों के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते थे। अब इस नई सुविधा से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कोट
सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फेको मशीनों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज में आंखों के इलाज की व्यवस्था और मजबूत होगी। -डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
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पहले कॉलेज में केवल एक फेको मशीन उपलब्ध थी, जिसके कारण मरीजों को ऑपरेशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था और कई बार तारीखें भी आगे बढ़ानी पड़ती थीं।
नई फेको मशीन के जुड़ने से अब ऑपरेशन की प्रक्रिया अधिक तेज और सुव्यवस्थित हो सकेगी। दो मशीनें होने से रोजाना पहले की तुलना में अधिक मरीजों के ऑपरेशन संभव होंगे। प्रत्येक मशीन की कीमत करीब 21 लाख रुपये बताई गई है।
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मेडिकल कॉलेज हमीरपुर में दो से तीन जिलों के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां प्रतिदिन करीब 1500 ओपीडी दर्ज की जाती है, जिसमें नेत्र विभाग में भी बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं।
पहले एक ही मशीन पर निर्भरता के कारण काम का दबाव काफी अधिक रहता था, लेकिन अब अतिरिक्त मशीन मिलने से चिकित्सकों और स्टाफ को भी राहत मिलेगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।
मरीजों और उनके परिजनों ने बताया कि पहले सीमित संसाधनों के कारण दूर-दराज से आने वाले मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते थे। अब इस नई सुविधा से उन्हें बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कोट
सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। फेको मशीनों की संख्या बढ़ने से मेडिकल कॉलेज में आंखों के इलाज की व्यवस्था और मजबूत होगी। -डॉ. देशराज शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज हमीरपुर
