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Hamirpur (Himachal) News: नादौन में भक्ति, ज्ञान, वैराग्य का प्रसंग सुनाया
Tue, 21 Jul 2026 05:15 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर (हि. प्र.)
Updated Tue, 21 Jul 2026 05:15 AM IST
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नादौन (हमीरपुर)। गीता भवन नादौन में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन सोमवार को कथा व्यास महंत भक्ति प्रसाद महाराज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का प्रसंग सुनाया। महंत भक्ति प्रसाद महाराज ने कहा कि देवर्षि नारद पृथ्वी पर भ्रमण करते हुए भक्ति देवी को अत्यंत दुखी अवस्था में देखते हैं। उनके साथ उनके दो वृद्ध और निर्बल पुत्र ज्ञान और वैराग्य भी पड़े होते हैं। भक्ति देवी नारद जी को बताती हैं कि कलियुग के प्रभाव से लोगों में भक्ति का बाहरी प्रदर्शन तो बढ़ गया है लेकिन सच्चा ज्ञान और वैराग्य कमजोर पड़ गए हैं। नारद जी उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए पहले वेद, उपनिषद और अन्य शास्त्रों का पाठ करते हैं लेकिन ज्ञान और वैराग्य पूरी तरह जागृत नहीं होते। तब आकाशवाणी होती है कि श्रीमद्भागवत महापुराण का श्रद्धापूर्वक श्रवण और कीर्तन ही वह उपाय है, जिससे भक्ति, ज्ञान और वैराग्य पुनः युवा और सशक्त होंगे। संवाद
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