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Himachal: निजी स्कूलों में एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम की जगह अन्य प्रकाशकों की किताबें पढ़ाने पर रोक
Mon, 20 Jul 2026 10:25 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Mon, 20 Jul 2026 10:25 PM IST
सार
स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं कि निजी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी और एससीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित कराया जाए।
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शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हिमाचल प्रदेश में निजी स्कूलों में निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर अन्य प्रकाशकों की किताबें पढ़ाने पर रोक लगा दी गई है। स्कूल शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के शिक्षा उपनिदेशकों को निर्देश जारी किए हैं कि निजी स्कूलों में केवल एनसीईआरटी और एससीईआरटी द्वारा निर्धारित पाठ्यपुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित कराया जाए।
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स्कूल शिक्षा निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के माध्यम से प्राप्त शिकायत में आरोप लगाया गया है कि देश के कई निजी स्कूल निर्धारित पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की किताबें विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं, जो शिक्षा का अधिकार अधिनियम की भावना के विपरीत है।
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निदेशालय ने जिला स्तर के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के सभी निजी स्कूलों के प्रबंधन और प्रधानाचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। निजी स्कूलों का निरीक्षण, सर्वेक्षण अथवा लेखा-परीक्षण कर यह भी आकलन करने को कहा गया है कि एनसीईआरटी व एससीईआरटी के अतिरिक्त अन्य प्रकाशकों की पुस्तकों का उपयोग किस सीमा तक किया जा रहा है।
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पत्र में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि शैक्षणिक सत्र 2025-26 में नर्सरी से 12वीं कक्षा तक सरकारी और निजी स्कूलों में नामांकित विद्यार्थियों का विवरण दो सप्ताह के भीतर निदेशालय को भेजा जाए। शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने कहा कि भविष्य में यदि निर्धारित पाठ्यपुस्तकों के स्थान पर अन्य पुस्तकों के उपयोग की शिकायतें सही पाई गईं तो शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 तथा हिमाचल प्रदेश निजी शैक्षणिक संस्थान (विनियमन) अधिनियम-1997 एवं नियम-2003 के तहत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में स्कूलों की मान्यता अथवा विभाग द्वारा जारी अनुमति प्रमाणपत्र भी रद्द किया जा सकता है।