Himachal: सीबीएसई स्कूलों को मिले फिजिक्स और लोक प्रशासन विषय में 149 शिक्षक, मासिक इतना मिलेगा वेतन
राज्य चयन आयोग हमीरपुर की सिफारिश पर शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को फिजिक्स विषय में 77 और लोक प्रशासन विषय में 72 शिक्षकों को नियुक्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
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हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में फिजिक्स और लोक प्रशासन विषय में 149 शिक्षक नियुक्त किए गए हैं। पांच वर्ष के लिए अनुबंध आधार पर इन शिक्षकों को तैनाती दी गई है। इन्हें 30 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। राज्य चयन आयोग हमीरपुर की सिफारिश पर शिक्षा निदेशालय ने सोमवार को फिजिक्स विषय में 77 और लोक प्रशासन विषय में 72 शिक्षकों को नियुक्त करने के निर्देश जारी किए हैं। ये नियुक्तियां प्रदेश सरकार की उस विशेष उप योजना के तहत की गई हैं, जिसके माध्यम से सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
30 हजार रुपये का निर्धारित मानदेय प्रदान किया जाएगा
नियुक्त अभ्यर्थियों को शैक्षणिक सत्र के दस महीनों के लिए प्रतिमाह 30 हजार रुपये का निर्धारित मानदेय प्रदान किया जाएगा। शिक्षा विभाग के अनुसार इस पहल का उद्देश्य सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले सरकारी विद्यालयों में विषयों की गुणवत्ता को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। नियुक्त शिक्षकों की तैनाती विभिन्न जिलों के वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में की गई है, जिससे लंबे समय से रिक्त चल रहे पदों को भरने में मदद मिलेगी। शिक्षा निदेशालय ने सभी चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित शर्तों के अनुसार पांच दिनों के तय समय पर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षकों को छठी से बारहवीं कक्षा तक पढ़ाना होगा।
नहीं मिलेंगे नियमित कर्मियों वाले लाभ
शिक्षकों को कार्यभार संभालने से पहले स्टांप पेपर पर अनुबंध, बाॅन्ड और स्वघोषणा पत्र प्रस्तुत करना होगा। सरकारी अथवा पंजीकृत चिकित्सा अधिकारी से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र देना होगा। यह शिक्षक सरकारी कर्मचारी नहीं माने जाएंगे और उन्हें नियमित सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाले सेवा लाभ नहीं मिलेंगे। नियुक्त शिक्षकों को वर्ष में 10 आकस्मिक अवकाश और नियमानुसार मातृत्व अवकाश मिलेगा। यह हिमकेयर और आयुष्मान भारत जैसी चिकित्सा योजनाओं के लिए पात्र होंगे। नियुक्ति से नियमितीकरण अथवा भविष्य में नियमित सरकारी नियुक्ति का कोई अधिकार नहीं मिलेगा। शिक्षा निदेशालय ने प्रधानाचार्यों को चयनित अभ्यर्थियों के मूल प्रमाणपत्रों और विशेष रूप से शैक्षणिक योग्यता की जांच करने के निर्देश दिए हैं। चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन में प्रतिकूल तथ्य या गलत जानकारी सामने आने पर नियुक्ति रद्द करने के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।