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Himachal News: हाईकोर्ट ने जताई कड़ी नाराजगी, कहा- आर्थिक तंगी पेंशन रोकने का बहाना नहीं बन सकती

Wed, 22 Jul 2026 05:10 AM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 22 Jul 2026 05:10 AM IST
सार

 अदालत ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय संकट या आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर किसी भी कर्मचारी या उसके कानूनी वारिसों को उनके सांविधानिक व कानूनी पेंशन अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता।

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Himachal High Court expressed strong displeasure, stating that financial constraints cannot be an excuse for w
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पेंशन भुगतान को लेकर निगमों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय संकट या आर्थिक तंगी का बहाना बनाकर किसी भी कर्मचारी या उसके कानूनी वारिसों को उनके सांविधानिक व कानूनी पेंशन अधिकारों से वंचित नहीं किया जा सकता। न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने दुख जताते हुए कहा कि लगभग दो दशकों के बाद भी निगमों का रवैया नहीं बदला है और वे आर्थिक तंगी का राग अलाप रहे हैं। अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ये कॉर्पोरेशन सफेद हाथी बन चुके हैं या फिर हकदार लोगों को पेंशन देने की उनकी नीयत ही नहीं है। अदालत ने आदेश दिया कि दिवंगत जयराम धीमान की सेवानिवृत्ति से मृत्यु तक की बकाया पेंशन और उसके बाद की बकाया फैमिली पेंशन का भुगतान याचिकाकर्ताओं (वारिसों) को 3 महीने के भीतर किया जाए। निर्धारित 3 महीने की अवधि में भुगतान न करने की स्थिति में याचिका दायर करने की तिथि से 6 फीसदी वार्षिक ब्याज भी देना होगा। अदालत ने दिवंगत पत्नी राज की ओर से उनके बच्चों (वंदना व अन्य) द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता के पिता जयराम धीमान (उत्पादन प्रबंधक) ने 24 सितंबर 2001 को निगम से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली थी। उस समय हिमाचल प्रदेश कॉर्पोरेट सेक्टर एम्प्लॉइज पेंशन स्कीम 1999 लागू थी।

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परवाणू-शिमला फोरलेन निर्माण में संतोषजनक प्रगति रिपोर्ट की गई पेश
 प्रदेश हाईकोर्ट ने परवाणू-शिमला एनएच-5 के फोरलेन और ढलान सुरक्षा कार्यों की प्रगति पर संतोष जताया है। हाईकोर्ट ने दत्यार में पहाड़ी की तरफ तुरंत क्रैश बैरियर लगाने के निर्देश दिए हैं। बाधित स्थानों पर काम सुचारु रूप से करने के लिए सोलन के उपायुक्त की ओर से जल्द ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात करने का आश्वासन दिया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश विपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने एनएचएआई की ओर से पेश स्टेटस रिपोर्ट के बाद सुनवाई 26 अक्तूबर तक टाल दी है। अदालत को बताया गया कि दत्यार और चक्की मोड़ पर तारकोल बिछाने का काम पूरा हो गया है। चक्की मोड़ पर वायाडक्ट निर्माण के लिए टेंडर का मूल्यांकन जारी है। परवाणू-सोलन खंड में 44 में से 36 स्थानों पर ढलान सुरक्षा कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, सोलन-कैथलीघाट खंड में 41 में से 34 स्थानों पर कार्य संपन्न हो गया है। कंडाघाट बाईपास टनल और दोनसी गांव के पास पुल का निर्माण नवंबर तक पूरा होगा। क्यारीघाट में भूस्खलन सुरक्षा कार्य 31 अक्टूबर 2026 तक पूरा होने की संभावना है। सोलन-कैथलीघाट मार्ग पर बड़खास गांव के पास का काम नए ठेकेदार को सौंपा गया है।

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