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हिमाचल: कैबिनेट मंजूरी को तैयार नई औद्योगिक नीति, खाद्य उद्योगों के प्रोत्साहन पर जोर

Wed, 28 Oct 2026 08:38 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)।
संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 28 Oct 2026 08:38 PM IST
सार

 नीति को आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसमें स्थानीय खाद्य पदार्थों पर आधारित उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर रहेगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने बुधवार को नाहन में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी।

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Himachal New industrial policy ready for cabinet approval; focus on promoting food industries
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान। - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए सरकार नई औद्योगिक नीति लाने जा रही है। नीति को आगामी मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसमें स्थानीय खाद्य पदार्थों पर आधारित उद्योगों को अधिक प्रोत्साहन देने पर विशेष जोर रहेगा। उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह चौहान ने बुधवार को नाहन में मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल में अधिक से अधिक निवेश लाना और निवेशकों को समय पर मंजूरी उपलब्ध करवाना है। नई औद्योगिक नीति के माध्यम से स्थानीय संसाधनों और खाद्य उत्पादों पर आधारित उद्योगों को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा, इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। उद्योग मंत्री ने दावा किया कि प्रदेश में पिछले चार वर्षों के दौरान औद्योगिक क्षेत्र में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। इसमें से लगभग 60 प्रतिशत निवेश धरातल पर उतर चुका है और संबंधित औद्योगिक इकाइयों में काम शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में निवेश की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि उद्योग स्थापित हों और आर्थिक गतिविधियों को गति मिले।

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चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक लोगों को जल्द से जल्द आवश्यक मंजूरियां मिलें। उद्योग, ऊर्जा, रियल एस्टेट और पर्यटन सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े धारा-118 के मामलों को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया है, ताकि उनकी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। धारा-118 में बदलाव किए जाने के विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर और अन्य विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि अगले वर्ष होने वाले चुनावों को देखते हुए वे सरकार पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं और राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता धारा-118 से संबंधित मामलों में नियमानुसार मंजूरी की प्रक्रिया को तेज करना है। कई बार आवेदन अधूरे होते हैं या उनमें आवश्यक दस्तावेजों और अन्य औपचारिकताओं से जुड़ी कमियां होती हैं। ऐसे मामलों को पूरा करने के लिए वापस भेजना पड़ता है, जिससे मंजूरी मिलने में देरी होती है। सरकार चाहती है कि निवेशकों के मामलों का निपटारा जल्द हो, ताकि प्रदेश में निवेश की प्रक्रिया प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसी औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना चाहती है, जिनसे स्थानीय लोगों को रोजगार मिले और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले। नई नीति को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद इसके प्रावधानों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
 

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