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Kangra News: केंद्रीय टीम ने लिया मंड क्षेत्र में बाढ़ की तबाही का जायजा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Sun, 28 Dec 2025 09:02 AM IST
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मंड क्षेत्र में बाढ़ से नुकसान की स्थानीय लोगों और अधिकारियों से जानकारी लेती केंद्रीय टीम। -स्
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इंदौरा (कांगड़ा)। केंद्र सरकार की एक विशेष टीम ने शनिवार को मंड क्षेत्र (फतेहपुर-इंदौरा) का दौरा कर बरसात में आई बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लिया। इस टीम ने बडूखर, रियाली, मंड सनौर, मंड भौग्रवां, हलेड और मंड मयाणी जैसे बाढ़ प्रभावित गांवों का गहन निरीक्षण किया। अधिकारियों ने न केवल क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को देखा, बल्कि स्थानीय किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को भी सुना।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और स्थानीय किसानों ने केंद्रीय अधिकारियों को बताया कि ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने से उनके खेतों में भारी कटाव हुआ है, जिससे उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई है। लोगों ने अपनी आजीविका पर पड़े प्रतिकूल असर और भविष्य की चिंताओं से भी टीम को अवगत कराया। टीम ने पाया कि बाढ़ के कारण क्षेत्र की पेयजल योजनाओं, जल स्रोतों और पाइप लाइनों को व्यापक क्षति पहुंची है।
केंद्रीय टीम में शामिल साइंटिस्ट-डी अरुण कुमार और साइंटिस्ट-बी ज्योत्स्ना आंबेकर ने कहा कि ब्यास नदी के कारण हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौके से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा रहा है। इसका गहन अध्ययन करने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल शक्ति विभाग को भेजी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर क्षति का प्राकलन तैयार होगा और आगे की राहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केंद्रीय टीम के साथ जल शक्ति मंडल फतेहपुर के अधिशासी अभियंता विपन लूना, सहायक अभियंता अविनाश सनौरिया और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि नुकसान का सटीक आकलन कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि क्षेत्र में बाधित सुविधाओं को पुनः बहाल किया जा सके।
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निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों और स्थानीय किसानों ने केंद्रीय अधिकारियों को बताया कि ब्यास नदी में जलस्तर बढ़ने से उनके खेतों में भारी कटाव हुआ है, जिससे उपजाऊ भूमि बर्बाद हो गई है। लोगों ने अपनी आजीविका पर पड़े प्रतिकूल असर और भविष्य की चिंताओं से भी टीम को अवगत कराया। टीम ने पाया कि बाढ़ के कारण क्षेत्र की पेयजल योजनाओं, जल स्रोतों और पाइप लाइनों को व्यापक क्षति पहुंची है।
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केंद्रीय टीम में शामिल साइंटिस्ट-डी अरुण कुमार और साइंटिस्ट-बी ज्योत्स्ना आंबेकर ने कहा कि ब्यास नदी के कारण हुए नुकसान का विस्तृत आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौके से आवश्यक डेटा एकत्र किया जा रहा है। इसका गहन अध्ययन करने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जल शक्ति विभाग को भेजी जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर क्षति का प्राकलन तैयार होगा और आगे की राहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
केंद्रीय टीम के साथ जल शक्ति मंडल फतेहपुर के अधिशासी अभियंता विपन लूना, सहायक अभियंता अविनाश सनौरिया और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि नुकसान का सटीक आकलन कर जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि क्षेत्र में बाधित सुविधाओं को पुनः बहाल किया जा सके।