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Kangra News: पर्यटन इकाइयों के निजीकरण का विरोध, सड़क पर उतरे कर्मचारी, निकाली रैली
Thu, 25 Jun 2026 06:12 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 25 Jun 2026 06:12 AM IST
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धर्मशाला में मांगों के लिए रैली निकालते पर्यटन विकास निगम के कर्मचारी। -अमर उजाला
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धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम (एचपीटीडीसी) की इकाइयों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी के विरोध में कर्मचारी सड़क पर उतर आए हैं। जिला मुख्यालय धर्मशाला में बुधवार को राज्य पर्यटन निगम कर्मचारी संघ ने होटल कुनाल से लेकर पर्यटन निगम के कार्यालय कश्मीर हाउस तक रोष रैली निकाल कर अपना विरोध जताया गया।
इसके साथ ही संघ ने अपनी मांगों को लेकर एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक (एमडी) डॉ. राजीव कुमार के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा। संघ के राज्य अध्यक्ष हुकूम राम, महासचिव राजकुमार शर्मा व जिला कांगड़ा के अध्यक्ष शशि शर्मा ने कहा कि निगम की ओर से पहले 16 होटलों की नीलामी संबंधी सूचना मिली थी। अब निगम की आठ इकाइयों को ओएंडएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) आधार पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है, जिसका संघ विरोध करता है।
उन्होंने कहा कि इस फैसले से कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और निगम के दीर्घकालिक हित बुरी तरह प्रभावित होंगे। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र को सौंपने के बजाय निगम को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए। निगम के पास प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बेशकीमती संपत्तियां हैं, जिन्हें उचित निवेश और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लाभकारी बनाया जा सकता है।
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ज्ञापन के माध्यम से संघ ने इकाइयों को निजी हाथों में देने संबंधी प्रस्ताव और अधिसूचनाएं रद्द करने की मांग की है। साथ ही एचपीटीडीसी को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने, कर्मचारियों के लंबित मामलों का निपटारा करने, होटलों के आधुनिकीकरण, आधारभूत ढांचे के विकास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये की एकमुश्त अनुदान मांग है। संघ ने कहा है कि यदि सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो भविष्य में आंदोलन किया जाएगा।
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इसके साथ ही संघ ने अपनी मांगों को लेकर एचपीटीडीसी के प्रबंध निदेशक (एमडी) डॉ. राजीव कुमार के माध्यम से प्रदेश सरकार को ज्ञापन सौंपा। संघ के राज्य अध्यक्ष हुकूम राम, महासचिव राजकुमार शर्मा व जिला कांगड़ा के अध्यक्ष शशि शर्मा ने कहा कि निगम की ओर से पहले 16 होटलों की नीलामी संबंधी सूचना मिली थी। अब निगम की आठ इकाइयों को ओएंडएम (ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस) आधार पर निजी हाथों में सौंपने की तैयारी की जा रही है, जिसका संघ विरोध करता है।
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उन्होंने कहा कि इस फैसले से कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति और निगम के दीर्घकालिक हित बुरी तरह प्रभावित होंगे। पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार परिसंपत्तियों को निजी क्षेत्र को सौंपने के बजाय निगम को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में कदम उठाए। निगम के पास प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर बेशकीमती संपत्तियां हैं, जिन्हें उचित निवेश और प्रचार-प्रसार के माध्यम से लाभकारी बनाया जा सकता है।
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ज्ञापन के माध्यम से संघ ने इकाइयों को निजी हाथों में देने संबंधी प्रस्ताव और अधिसूचनाएं रद्द करने की मांग की है। साथ ही एचपीटीडीसी को वित्तीय रूप से सशक्त बनाने, कर्मचारियों के लंबित मामलों का निपटारा करने, होटलों के आधुनिकीकरण, आधारभूत ढांचे के विकास और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये की एकमुश्त अनुदान मांग है। संघ ने कहा है कि यदि सरकार मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है तो भविष्य में आंदोलन किया जाएगा।