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Kangra News: मार्च में उगाई ब्रोकली, ऑफ-सीजन में खुले कमाई के द्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 16 Mar 2026 06:09 AM IST
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पटोला के किसान बलवीर सैणी द्वारा उगाई गई ब्रोकली मंडी जाने के लिए तैयार। -स्रोत : जागरूक पाठक
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गगल (कागड़ा)। धर्मशाला की कंदरेड़ पंचायत के पटौला निवासी अग्रणी और प्रगतिशील किसान बलवीर सैणी ने खेती के क्षेत्र में एक नई सफलता हासिल की है। बायर सेमिनिस कंपनी की ब्रोकली की लेट वैरायटी स्पेक्टर का सफल ट्रायल कर उन्होंने यह साबित कर दिया है कि सही तकनीक और मेहनत से ऑफ-सीजन में भी बंपर पैदावार ली जा सकती है।
अमूमन ब्रोकली की खेती सितंबर से दिसंबर तक ही सीमित रहती है, लेकिन बलवीर सैनी ने मार्च के महीने में तपती कांगड़ा घाटी के खुले खेतों में छङ हजार पौधे तैयार कर दिए हैं। बलवीर सैणी ने बताया कि बायर सेमिनिस कंपनी की इस विशेष किस्म को 26 नवंबर को नर्सरी में रोपा गया था। इसके बाद 19 जनवरी को इन पौधों की खुले खेत में रोपाई की गई।
वर्तमान में तीन मार्च से इसकी फसल तैयार होकर मंडियों में पहुंच रही है। खास बात यह है कि जिस क्षेत्र में यह फसल उगाई गई है, वहां पानी की भारी कमी है। इसके बावजूद उन्होंने केवल देसी खाद का उपयोग कर प्राकृतिक खेती के माध्यम से यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में मंडी में ब्रोकली 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि ऑफ-सीजन में इसके दाम 500 रुपये तक भी पहुंच जाते हैं।
बायर सेमिनिस कंपनी के मार्केटिंग डेवलपमेंट ऑफिसर विपिन कुमार के अनुसार ब्रोकली का एक पौधा एक किलो से ज्यादा फसल दे रहा है। सफल प्रयोग के बाद क्षेत्र के अन्य किसान भी इस बीज की मांग कर रहे हैं और बलवीर सैणी के खेत में टिप्स लेने पहुंच रहे हैं। कृषि विभाग (नॉर्थ जोन) के एडीए डॉ. राहुल कटोच ने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान सब के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
बलवीर सैणी ने बताया कि अब बायर सेमिनिस के ही फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च और भिंडी की उन्नत किस्मों पर ट्रायल करेंगे। वहीं, बलवीर सैनी वर्तमान में स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोड्यूस एजेंसी की गवर्निंग बॉडी के सदस्य के रूप में भी किसानों को जागरूक कर रहे हैं।
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अमूमन ब्रोकली की खेती सितंबर से दिसंबर तक ही सीमित रहती है, लेकिन बलवीर सैनी ने मार्च के महीने में तपती कांगड़ा घाटी के खुले खेतों में छङ हजार पौधे तैयार कर दिए हैं। बलवीर सैणी ने बताया कि बायर सेमिनिस कंपनी की इस विशेष किस्म को 26 नवंबर को नर्सरी में रोपा गया था। इसके बाद 19 जनवरी को इन पौधों की खुले खेत में रोपाई की गई।
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वर्तमान में तीन मार्च से इसकी फसल तैयार होकर मंडियों में पहुंच रही है। खास बात यह है कि जिस क्षेत्र में यह फसल उगाई गई है, वहां पानी की भारी कमी है। इसके बावजूद उन्होंने केवल देसी खाद का उपयोग कर प्राकृतिक खेती के माध्यम से यह सफलता हासिल की है। वर्तमान में मंडी में ब्रोकली 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि ऑफ-सीजन में इसके दाम 500 रुपये तक भी पहुंच जाते हैं।
बायर सेमिनिस कंपनी के मार्केटिंग डेवलपमेंट ऑफिसर विपिन कुमार के अनुसार ब्रोकली का एक पौधा एक किलो से ज्यादा फसल दे रहा है। सफल प्रयोग के बाद क्षेत्र के अन्य किसान भी इस बीज की मांग कर रहे हैं और बलवीर सैणी के खेत में टिप्स लेने पहुंच रहे हैं। कृषि विभाग (नॉर्थ जोन) के एडीए डॉ. राहुल कटोच ने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान सब के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया।
बलवीर सैणी ने बताया कि अब बायर सेमिनिस के ही फूलगोभी, बंदगोभी, शिमला मिर्च और भिंडी की उन्नत किस्मों पर ट्रायल करेंगे। वहीं, बलवीर सैनी वर्तमान में स्टेट सीड एंड ऑर्गेनिक प्रोड्यूस एजेंसी की गवर्निंग बॉडी के सदस्य के रूप में भी किसानों को जागरूक कर रहे हैं।