{"_id":"69666fb28da5f9a24b0ca654","slug":"information-regarding-the-release-of-rakshit-of-palampur-family-still-waiting-kangra-news-c-95-1-ssml1021-215799-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: पालमपुर के रक्षित की रिहाई की सूचना, परिजनों को अभी इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: पालमपुर के रक्षित की रिहाई की सूचना, परिजनों को अभी इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 14 Jan 2026 09:45 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
पालमपुर (कांगड़ा)। रूसी टैंकर मैरिनेरा में फंसे पालमपुर के रक्षित सहित तीन भारतीय नागरिकों की सुरक्षित रिहाई की खबर से क्षेत्र में खुशी की लहर है। लोहड़ी के पावन अवसर पर आई इस सूचना ने परिजनों को बड़ी राहत दी है। हालांकि बेटे से सीधी बात न हो पाने के कारण परिवार अभी भी पूरी तरह आश्वस्त होने का इंतजार कर रहा है।
भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने इस रिहाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत भारत के संकल्प की जीत बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से ही आज विदेशों में भारतीय सुरक्षित हैं। उन्होंने इसके लिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज का भी आभार व्यक्त किया।
भले ही रिहाई की सूचना सार्वजनिक हो चुकी है, लेकिन रक्षित के पिता रणजीत चौहान और चाचा नरेंद्र चौहान का कहना है कि अभी तक उनका रक्षित से संपर्क नहीं हुआ है। परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि हमने रिहाई की खबर सुनी है, लेकिन जब तक बेटे की आवाज नहीं सुन लेते, तब तक दिल को पूरी तसल्ली नहीं मिलेगी।
परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही रक्षित उनसे संपर्क करेगा और सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी होगी। परिजनों की निगाहें अब अपने बेटे से संपर्क और उसके सकुशल लौटने पर टिकी हुई हैं। उधर, डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि मामले को लेकर दूतावास से संपर्क किया जा रहा है।
Trending Videos
भाजपा के वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने इस रिहाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत भारत के संकल्प की जीत बताया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों से ही आज विदेशों में भारतीय सुरक्षित हैं। उन्होंने इसके लिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज का भी आभार व्यक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
भले ही रिहाई की सूचना सार्वजनिक हो चुकी है, लेकिन रक्षित के पिता रणजीत चौहान और चाचा नरेंद्र चौहान का कहना है कि अभी तक उनका रक्षित से संपर्क नहीं हुआ है। परिजनों ने भावुक होते हुए कहा कि हमने रिहाई की खबर सुनी है, लेकिन जब तक बेटे की आवाज नहीं सुन लेते, तब तक दिल को पूरी तसल्ली नहीं मिलेगी।
परिवार को उम्मीद है कि जल्द ही रक्षित उनसे संपर्क करेगा और सुरक्षित घर वापसी की प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी होगी। परिजनों की निगाहें अब अपने बेटे से संपर्क और उसके सकुशल लौटने पर टिकी हुई हैं। उधर, डीसी कांगड़ा हेमराज बैरवा ने बताया कि मामले को लेकर दूतावास से संपर्क किया जा रहा है।