{"_id":"69664a1894ea74812a0ddb2a","slug":"kpard-bank-recovers-from-losses-to-a-profit-of-rs-319-crore-ram-chandra-kangra-news-c-95-1-ssml1020-215725-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटे से उबरकर 3.19 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंचा केपार्ड बैंक : राम चंद्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटे से उबरकर 3.19 करोड़ रुपये के मुनाफे में पहुंचा केपार्ड बैंक : राम चंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Wed, 14 Jan 2026 07:04 AM IST
विज्ञापन
धर्मशाला में पत्रकारों से बातचीत करते केपार्ड बैंक के चेयरमैन राम चंद्र पठानिया। -संवाद
विज्ञापन
धर्मशाला। कांगड़ा सहकारी प्राथमिक कृषि एवं ग्रामीण विकास (केपार्ड) बैंक ने पिछले तीन वर्षों में अपनी वित्तीय स्थिति में सुधार दर्ज किया है। बैंक के चेयरमैन राम चंद्र पठानिया ने धर्मशाला में पत्रकार वार्ता में कहा कि जो बैंक पहले मात्र 19 लाख के लाभांश या घाटे में रहता था, उसने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 3.19 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड लाभ कमाया है।
चेयरमैन ने कहा कि बैंक के एनपीए में भी सुधार हुआ है। पहले यह 22 फीसदी से अधिक था, जो अब घटकर 19.3 फीसदी रह गया है। बैंक डिजिटलाइजेशन की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बैंक में दो तरह की सेटलमेंट योजनाएं चल रही हैं। साल 2015 तक के मामलों में 25 फीसदी तक ब्याज माफ किया जा रहा है। 96 ऐसे केस हैं जिनमें बैंक जमीनों का मालिकाना हक ले चुका है।
राम चंद्र पठानिया ने कहा कि बैंक की पहले 30 शाखाएं थीं, अब पांच नई शाखाएं खोली जा रही हैं। मैहतपुर और जाहू में काम शुरू हो चुका है, जबकि पंचरुखी, कांगड़ा और ज्वालामुखी में जल्द शाखाएं खुलेंगी। आईबीपीएस के माध्यम से 23 नए कर्मियों चार असिस्टेंट मैनेजर और 19 रिकवरी सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई है।
पठानिया ने स्पष्ट किया कि बैंक सरकारी गारंटी पर नाबार्ड से फंड लेकर केवल राज्य के भीतर ही ऋण वितरित करता है। किसानों के लिए ऋण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसे मात्र कुछ औपचारिकताओं तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने बैंक की इस प्रगति का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व को दिया।
Trending Videos
चेयरमैन ने कहा कि बैंक के एनपीए में भी सुधार हुआ है। पहले यह 22 फीसदी से अधिक था, जो अब घटकर 19.3 फीसदी रह गया है। बैंक डिजिटलाइजेशन की ओर भी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। बैंक में दो तरह की सेटलमेंट योजनाएं चल रही हैं। साल 2015 तक के मामलों में 25 फीसदी तक ब्याज माफ किया जा रहा है। 96 ऐसे केस हैं जिनमें बैंक जमीनों का मालिकाना हक ले चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राम चंद्र पठानिया ने कहा कि बैंक की पहले 30 शाखाएं थीं, अब पांच नई शाखाएं खोली जा रही हैं। मैहतपुर और जाहू में काम शुरू हो चुका है, जबकि पंचरुखी, कांगड़ा और ज्वालामुखी में जल्द शाखाएं खुलेंगी। आईबीपीएस के माध्यम से 23 नए कर्मियों चार असिस्टेंट मैनेजर और 19 रिकवरी सुपरवाइजर की नियुक्ति की गई है, जिससे कार्यप्रणाली में पारदर्शिता आई है।
पठानिया ने स्पष्ट किया कि बैंक सरकारी गारंटी पर नाबार्ड से फंड लेकर केवल राज्य के भीतर ही ऋण वितरित करता है। किसानों के लिए ऋण प्रक्रिया को सरल बनाते हुए इसे मात्र कुछ औपचारिकताओं तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने बैंक की इस प्रगति का श्रेय मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व को दिया।