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Kangra News: जमीन मिली पर भवन नहीं, कानूनगो कार्यालय में चल रही हरिपुर तहसील
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 02 Feb 2026 01:21 AM IST
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हरिपुर स्थिति कानूनगो भवन, जिसमें तहसील का कामकाज भी निपटाया जा रहा है। संवाद
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गुलेर (कांगड़ा)। डिजिटल इंडिया और सुशासन के बड़े-बड़े दावों के बीच हरिपुर तहसील पूरी व्यवस्था को मुंह चिढ़ा रही है। तहसील के लिए जमीन को मिल गई है, आज तक अपना स्थायी भवन नसीब नहीं हो पाया है। तहसील का कामकाज पुराने कानूनगो भवन के चार कमरों में सिमटा हुआ है। इससे न केवल स्टाफ बल्कि दूर-दराज से आने वाली जनता को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
हरिपुर तहसील के तहत मौजूदा समय में 15 पटवार वृत्त आते हैं, जो 111 गांवों के हजारों लोगों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विडंबना यह है कि इन चार छोटे कमरों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, रीडर और कार्यालय का पूरा स्टाफ बैठने को मजबूर है। आलम यह है कि एक-एक कमरे में तीन-तीन कर्मचारी बैठकर काम निपटा रहे हैं।
सबसे गंभीर स्थिति तहसील के रिकॉर्ड रूम की है। अलग से व्यवस्थित जगह न होने के कारण महत्वपूर्ण भूमि दस्तावेज और सरकारी फाइलें असुरक्षित तरीके से इन्हीं तंग कमरों में रखी जा रही हैं। तहसील परिसर में जनता के बैठने या इंतजार करने के लिए कोई प्रतीक्षालय नहीं है। हालांकि कानूनगो भवन से महज 100 मीटर की दूरी पर तहसील भवन के लिए जमीन को राजस्व विभाग के नाम स्थानांतरित किया जा चुका है। मगर निर्माण कार्य शुरू न होना प्रशासनिक सुस्ती और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है।
लोग बोले- यहां सिर छिपाने तक को जगह नहीं
बुजुर्ग लोग दूर के गांवों से बसों में धक्के खाकर यहां आते हैं, लेकिन यहां सिर छिपाने तक की जगह नहीं है। बारिश हो या चिलचिलाती धूप, हमें सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है। -बलराज सिंह, निवासी खैरियां
एक तरफ 5जी और एआई की बातें हो रही हैं, दूसरी तरफ हमारी तहसील चार छोटे कमरों में चल रही है। जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भवन न बनना प्रशासन की विफलता है। -रमन कुमार, निवासी भटेहड़
यह राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। तंग कमरों में स्टाफ के बैठने से न केवल कर्मचारी परेशान होते हैं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और आम जनता के कार्यों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। -शिव कुमार, निवासी हरिपुर
सरकार ई-गवर्नेंस की बात करती है, लेकिन धरातल पर अधिकारियों के पास बैठने तक की जगह नहीं है। बिना बुनियादी ढांचे के त्वरित और सुगम सेवाओं का दावा खोखला है। -अतुल महाजन, प्रधान, व्यापार मंडल
हरिपुर तहसील के नए भवन के लिए भूमि राजस्व विभाग को हस्तांतरित हो गई है। निर्माण कार्य का प्रस्ताव पाइपलाइन में है। जैसे ही प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलती है तो भवन निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -सुरेश कुमार, तहसीलदार, हरिपुर
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हरिपुर तहसील के तहत मौजूदा समय में 15 पटवार वृत्त आते हैं, जो 111 गांवों के हजारों लोगों को सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विडंबना यह है कि इन चार छोटे कमरों में तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो, रीडर और कार्यालय का पूरा स्टाफ बैठने को मजबूर है। आलम यह है कि एक-एक कमरे में तीन-तीन कर्मचारी बैठकर काम निपटा रहे हैं।
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सबसे गंभीर स्थिति तहसील के रिकॉर्ड रूम की है। अलग से व्यवस्थित जगह न होने के कारण महत्वपूर्ण भूमि दस्तावेज और सरकारी फाइलें असुरक्षित तरीके से इन्हीं तंग कमरों में रखी जा रही हैं। तहसील परिसर में जनता के बैठने या इंतजार करने के लिए कोई प्रतीक्षालय नहीं है। हालांकि कानूनगो भवन से महज 100 मीटर की दूरी पर तहसील भवन के लिए जमीन को राजस्व विभाग के नाम स्थानांतरित किया जा चुका है। मगर निर्माण कार्य शुरू न होना प्रशासनिक सुस्ती और राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी को दर्शाता है।
लोग बोले- यहां सिर छिपाने तक को जगह नहीं
बुजुर्ग लोग दूर के गांवों से बसों में धक्के खाकर यहां आते हैं, लेकिन यहां सिर छिपाने तक की जगह नहीं है। बारिश हो या चिलचिलाती धूप, हमें सड़क किनारे खड़ा होना पड़ता है। -बलराज सिंह, निवासी खैरियां
एक तरफ 5जी और एआई की बातें हो रही हैं, दूसरी तरफ हमारी तहसील चार छोटे कमरों में चल रही है। जमीन उपलब्ध होने के बावजूद भवन न बनना प्रशासन की विफलता है। -रमन कुमार, निवासी भटेहड़
यह राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी है। तंग कमरों में स्टाफ के बैठने से न केवल कर्मचारी परेशान होते हैं, बल्कि उनकी कार्यक्षमता और आम जनता के कार्यों पर भी बुरा असर पड़ रहा है। -शिव कुमार, निवासी हरिपुर
सरकार ई-गवर्नेंस की बात करती है, लेकिन धरातल पर अधिकारियों के पास बैठने तक की जगह नहीं है। बिना बुनियादी ढांचे के त्वरित और सुगम सेवाओं का दावा खोखला है। -अतुल महाजन, प्रधान, व्यापार मंडल
हरिपुर तहसील के नए भवन के लिए भूमि राजस्व विभाग को हस्तांतरित हो गई है। निर्माण कार्य का प्रस्ताव पाइपलाइन में है। जैसे ही प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति मिलती है तो भवन निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। -सुरेश कुमार, तहसीलदार, हरिपुर

हरिपुर स्थिति कानूनगो भवन, जिसमें तहसील का कामकाज भी निपटाया जा रहा है। संवाद

हरिपुर स्थिति कानूनगो भवन, जिसमें तहसील का कामकाज भी निपटाया जा रहा है। संवाद

हरिपुर स्थिति कानूनगो भवन, जिसमें तहसील का कामकाज भी निपटाया जा रहा है। संवाद

हरिपुर स्थिति कानूनगो भवन, जिसमें तहसील का कामकाज भी निपटाया जा रहा है। संवाद
