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Kangra News: फायर सेफ्टी एनओसी के बिना नहीं होगी होटलों की ऑनलाइन बुकिंग
Thu, 25 Jun 2026 06:52 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 25 Jun 2026 06:52 AM IST
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धर्मशाला। होटलों में आग से सुरक्षा को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। अब जिन होटलों में निर्धारित फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित नहीं होगा, उनकी ऑनलाइन बुकिंग साइट तक बंद करवाई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अग्निशमन विभाग के गहन निरीक्षण और संतुष्टि के बाद ही फायर सेफ्टी संबंधी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) जारी या नवीनीकृत किया जाएगा।
पर्यटन गतिविधियों और होटलों में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सरकार ने आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। इसके तहत सभी होटलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य पुख्ता सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित करनी होंगी।
मानकों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फायर सेफ्टी एक्ट के तहत नए बनने वाले होटलों और व्यावसायिक भवनों में इन मानकों को पूरा करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, पूर्व में निर्मित भवनों में इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए होटल संचालकों की ओर से अन्य वैकल्पिक इंतजाम उपलब्ध करवाने की बात भी कही गई थी।
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इस पर सरकार ने भी ऐसे पुराने भवनों में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित होटलों और बहुमंजिला भवनों में आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना बेहद आवश्यक है।
सभी होटलों में फायर सिस्टम स्थापित करना सुनिश्चित किया गया है। ऐसा न करने वाले होटलों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था ही बंद कर दी जाएगी। सरकार के इन कड़े निर्देशों के बाद होटल संचालक फायर सेफ्टी एनओसी को लेकर लगातार विभाग से संपर्क कर रहे हैं। एनओसी के लिए आवेदन करने वाले होटलों के परिसरों की मौके पर जाकर जांच भी की जा रही है। -राजेश गुप्ता, अग्निशमन अधिकारी, धर्मशाला
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पर्यटन गतिविधियों और होटलों में पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए सरकार ने आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया है। इसके तहत सभी होटलों को निर्धारित मानकों के अनुरूप अग्निशमन उपकरण, फायर अलार्म सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग और अन्य पुख्ता सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित करनी होंगी।
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मानकों का पालन न करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। फायर सेफ्टी एक्ट के तहत नए बनने वाले होटलों और व्यावसायिक भवनों में इन मानकों को पूरा करना अनिवार्य किया गया है। हालांकि, पूर्व में निर्मित भवनों में इस सिस्टम को स्थापित करने के लिए होटल संचालकों की ओर से अन्य वैकल्पिक इंतजाम उपलब्ध करवाने की बात भी कही गई थी।
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इस पर सरकार ने भी ऐसे पुराने भवनों में आग बुझाने के पर्याप्त उपकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित होटलों और बहुमंजिला भवनों में आग लगने की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए सुरक्षा उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करना बेहद आवश्यक है।
सभी होटलों में फायर सिस्टम स्थापित करना सुनिश्चित किया गया है। ऐसा न करने वाले होटलों की ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था ही बंद कर दी जाएगी। सरकार के इन कड़े निर्देशों के बाद होटल संचालक फायर सेफ्टी एनओसी को लेकर लगातार विभाग से संपर्क कर रहे हैं। एनओसी के लिए आवेदन करने वाले होटलों के परिसरों की मौके पर जाकर जांच भी की जा रही है। -राजेश गुप्ता, अग्निशमन अधिकारी, धर्मशाला