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Kangra News: खास खबर... छोटा भंगाल में फल-फूलेगी प्लम की बागवानी
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धर्मशाला (कांगड़ा)। जिले के दुर्गम क्षेत्र छोटा भंगाल में अब प्लम की बागवानी फल-फूलेगी। उद्यान विभाग ने एचपी शिवा प्रोजेक्ट के फेज-2 के तहत क्षेत्र की 25 हेक्टेयर भूमि का चयन किया है। यहां प्लम के व्यावसायिक बाग तैयार किए जाएंगे।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्गम इलाकों के किसानों और बागवानों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में विभाग की ओर से छोटा भंगाल के उपरली मलां क्षेत्र में 10 हेक्टेयर भूमि पर जापानी फल (पर्सिमोन) का बगीचा विकसित किया जा रहा है।
यहां अब तक 3,800 पौधे रोपे जा चुके हैं। शेष पौधे सर्दियों के दौरान लगाए जाएंगे। जापानी फल के सफल प्रयोग के बाद अब प्लम की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए जमीन के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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परियोजना के तहत चयनित 25 हेक्टेयर भूमि पर सिर्फ पौधरोपण ही नहीं होगा, बल्कि बाड़बंदी, भूमि समतलीकरण और सूक्ष्म सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे स्थानीय किसानों को पारंपरिक फसलों के बजाय उच्च घनत्व (हाई-डेंसिटी) वाली नकदी फसलों की ओर मोड़ने में मदद मिलेगी।
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शिवा प्रोजेक्ट के तहत छोटा भंगाल में प्लम की बागवानी के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। प्रारंभिक चरण में जमीन को समतल करने, फेंसिंग (बाड़बंदी) और सिंचाई सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद अंतिम चरण में पौधरोपण का कार्य शुरू होगा। -डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, कांगड़ा
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इस पहल का मुख्य उद्देश्य दुर्गम इलाकों के किसानों और बागवानों को आधुनिक खेती से जोड़कर उनकी आजीविका को सुदृढ़ करना है। वर्तमान में विभाग की ओर से छोटा भंगाल के उपरली मलां क्षेत्र में 10 हेक्टेयर भूमि पर जापानी फल (पर्सिमोन) का बगीचा विकसित किया जा रहा है।
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यहां अब तक 3,800 पौधे रोपे जा चुके हैं। शेष पौधे सर्दियों के दौरान लगाए जाएंगे। जापानी फल के सफल प्रयोग के बाद अब प्लम की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए जमीन के चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
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परियोजना के तहत चयनित 25 हेक्टेयर भूमि पर सिर्फ पौधरोपण ही नहीं होगा, बल्कि बाड़बंदी, भूमि समतलीकरण और सूक्ष्म सिंचाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे स्थानीय किसानों को पारंपरिक फसलों के बजाय उच्च घनत्व (हाई-डेंसिटी) वाली नकदी फसलों की ओर मोड़ने में मदद मिलेगी।
शिवा प्रोजेक्ट के तहत छोटा भंगाल में प्लम की बागवानी के लिए भूमि का चयन कर लिया गया है। प्रारंभिक चरण में जमीन को समतल करने, फेंसिंग (बाड़बंदी) और सिंचाई सुविधाओं की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद अंतिम चरण में पौधरोपण का कार्य शुरू होगा। -डॉ. अलक्ष पठानिया, उपनिदेशक, उद्यान विभाग, कांगड़ा