{"_id":"69f74a5c24d4436e0c0089f1","slug":"sentence-of-four-convicts-in-assault-case-upheld-kangra-news-c-95-1-kng1004-232896-2026-05-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: मारपीट के मामले में चार दोषियों की सजा बरकरार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: मारपीट के मामले में चार दोषियों की सजा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 04 May 2026 06:44 AM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
धर्मशाला। अतिरिक्त सत्र न्यायालय पालमपुर ने वर्ष 2011 के एक मारपीट मामले में चार आरोपियों की दोषसिद्धि और सजा को बरकरार रखा है। हालांकि अदालत ने उन्हें गाली-गलौज (धारा 504 आईपीसी) के आरोप से बरी कर दिया है। यह फैसला अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धीरू ठाकुर की अदालत ने सुनाया है।
मामले के अनुसार 9 अक्तूबर 2011 की रात करीब 10:15 बजे पालमपुर के न्यू बस स्टैंड स्थित एचआरटीसी भवन में एक ढाबे पर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके भाई पर हमला कर दिया। आरोप था कि एक आरोपी ने पीड़ित के सिर पर बोतल से वार किया, जबकि दूसरे ने चाकू से हमला किया। अन्य दो आरोपियों ने भी मारपीट में साथ दिया, जिससे दोनों भाई लहूलुहान हो गए थे।
पालमपुर पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया था। ट्रायल कोर्ट ने सभी चार आरोपियों को आईपीसी की धारा 451, 324, 323 और 504 के तहत दोषी पाते हुए 6-6 माह के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोषियों ने इस फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। सत्र न्यायालय ने अपील पर सुनवाई करते हुए धारा 451, 324 और 323 के तहत दी गई सजा को उचित ठहराते हुए बरकरार रखा।
हालांकि, धारा 504 में राहत प्रदान करते हुए इस हिस्से को रद्द कर दिया। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और जुर्माना भी यथावत रहेगा। साथ ही, दोषियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनके खिलाफ वारंट जारी कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
Trending Videos
मामले के अनुसार 9 अक्तूबर 2011 की रात करीब 10:15 बजे पालमपुर के न्यू बस स्टैंड स्थित एचआरटीसी भवन में एक ढाबे पर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके भाई पर हमला कर दिया। आरोप था कि एक आरोपी ने पीड़ित के सिर पर बोतल से वार किया, जबकि दूसरे ने चाकू से हमला किया। अन्य दो आरोपियों ने भी मारपीट में साथ दिया, जिससे दोनों भाई लहूलुहान हो गए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
पालमपुर पुलिस ने जांच के बाद अदालत में चालान पेश किया था। ट्रायल कोर्ट ने सभी चार आरोपियों को आईपीसी की धारा 451, 324, 323 और 504 के तहत दोषी पाते हुए 6-6 माह के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई थी। दोषियों ने इस फैसले को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। सत्र न्यायालय ने अपील पर सुनवाई करते हुए धारा 451, 324 और 323 के तहत दी गई सजा को उचित ठहराते हुए बरकरार रखा।
हालांकि, धारा 504 में राहत प्रदान करते हुए इस हिस्से को रद्द कर दिया। अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी और जुर्माना भी यथावत रहेगा। साथ ही, दोषियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे निर्धारित समय के भीतर ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करें, अन्यथा उनके खिलाफ वारंट जारी कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
