{"_id":"6a5e8190b6d3accdb9053d80","slug":"shiva-temples-opened-kangra-news-c-95-1-kng1005-245857-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kangra News: कपाट खुलते ही शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kangra News: कपाट खुलते ही शिवालयों में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
Tue, 21 Jul 2026 01:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:44 AM IST
विज्ञापन
बैजनाथ शिव मंदिर में सावन माह के पहले सोमवार को दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन। संवाद
- फोटो : katra news
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बैजनाथ/चामुंडा/डमटाल। श्रावण माह के सोमवार को जिले के प्रमुख शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। शिव मंदिर बैजनाथ, श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम और काठगढ़ मंदिर में तड़के कपाट खुलते ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। तीनों मंदिरों में दिनभर में करीब 26 हजार श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर जलाभिषेक किया।
शिव मंदिर बैजनाथ और काठगढ़ मंदिर के कपाट सुबह चार बजे जबकि श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के कपाट सुबह पांच बजे खोले गए। बैजनाथ मंदिर में करीब 10 हजार, चामुंडा में छह हजार और काठगढ़ मंदिर में लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सुबह आठ बजे की आरती के बाद मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही।
बैजनाथ मंदिर में श्रद्धालु सुबह तीन बजे से ही पहुंचने लगे थे। सात बजे के बाद लंबी कतारें लग गईं जो देर शाम की आरती तक बनी रहीं। दोपहर में तेज बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। खीरगंगा घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
विज्ञापन
मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। गर्भगृह स्थित शिवलिंग पर जलहरी से जल अर्पित करने की व्यवस्था रही।
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह से जारी बारिश श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सकी। हालांकि बाणगंगा में जलस्तर बढ़ने के बावजूद कुछ श्रद्धालु नदी के बीच तक पहुंचकर स्नान और फोटो खिंचवाने लगे। सुरक्षा कर्मियों के रोकने पर बहस भी की।
मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बारिश और बाणगंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं के सुरक्षित दर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उधर, काठगढ़ मंदिर में 11 रामायण का खंड भोग लगाया गया। मंदिर सुधार सभा के प्रधान ओमप्रकाश कटोच ने बताया कि कपाट खुलते ही भोलेनाथ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
-- -- -- -- -
श्रावण माह 16 जुलाई से शुरू, अंतिम सोमवार 17 अगस्त को
ज्वालामुखी। ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा और अजय शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्रावण माह 16 जुलाई से शुरू हुआ है। श्रावण माह भगवान शिव की उपासना के लिए पवित्र माना जाता है और इस दौरान जलाभिषेक, व्रत तथा विशेष पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहता है। श्रावण का अंतिम सोमवार 17 अगस्त को होगा। इसी दिन भाद्रपद माह का आरंभ और नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। 13 अगस्त से नवरात्र और तीन अगस्त से कांवड़ यात्रा से जुड़े मेले भी शुरू होंगे।
विज्ञापन
शिव मंदिर बैजनाथ और काठगढ़ मंदिर के कपाट सुबह चार बजे जबकि श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम के कपाट सुबह पांच बजे खोले गए। बैजनाथ मंदिर में करीब 10 हजार, चामुंडा में छह हजार और काठगढ़ मंदिर में लगभग 10 हजार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। सुबह आठ बजे की आरती के बाद मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही।
विज्ञापन
बैजनाथ मंदिर में श्रद्धालु सुबह तीन बजे से ही पहुंचने लगे थे। सात बजे के बाद लंबी कतारें लग गईं जो देर शाम की आरती तक बनी रहीं। दोपहर में तेज बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। खीरगंगा घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने स्नान किया।
विज्ञापन
मंदिर न्यास के सहायक आयुक्त एवं एसडीएम संकल्प गौतम ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए गए थे। गर्भगृह स्थित शिवलिंग पर जलहरी से जल अर्पित करने की व्यवस्था रही।
श्री चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में भी सुबह से जारी बारिश श्रद्धालुओं की आस्था को नहीं रोक सकी। हालांकि बाणगंगा में जलस्तर बढ़ने के बावजूद कुछ श्रद्धालु नदी के बीच तक पहुंचकर स्नान और फोटो खिंचवाने लगे। सुरक्षा कर्मियों के रोकने पर बहस भी की।
मंदिर अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि बारिश और बाणगंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए श्रद्धालुओं के सुरक्षित दर्शन के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। उधर, काठगढ़ मंदिर में 11 रामायण का खंड भोग लगाया गया। मंदिर सुधार सभा के प्रधान ओमप्रकाश कटोच ने बताया कि कपाट खुलते ही भोलेनाथ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
श्रावण माह 16 जुलाई से शुरू, अंतिम सोमवार 17 अगस्त को
ज्वालामुखी। ज्योतिषाचार्य संजय शर्मा और अजय शर्मा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार इस वर्ष श्रावण माह 16 जुलाई से शुरू हुआ है। श्रावण माह भगवान शिव की उपासना के लिए पवित्र माना जाता है और इस दौरान जलाभिषेक, व्रत तथा विशेष पूजा-अर्चना का विशेष महत्व रहता है। श्रावण का अंतिम सोमवार 17 अगस्त को होगा। इसी दिन भाद्रपद माह का आरंभ और नाग पंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। 13 अगस्त से नवरात्र और तीन अगस्त से कांवड़ यात्रा से जुड़े मेले भी शुरू होंगे।

बैजनाथ शिव मंदिर में सावन माह के पहले सोमवार को दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन। संवाद- फोटो : katra news

बैजनाथ शिव मंदिर में सावन माह के पहले सोमवार को दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन। संवाद- फोटो : katra news

बैजनाथ शिव मंदिर में सावन माह के पहले सोमवार को दर्शन के लिए लगी श्रद्धालुओं की लाइन। संवाद- फोटो : katra news