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Kangra News: बाढ़ के छह माह बाद भी मंड क्षेत्र की लाइफलाइन बदहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Mon, 26 Jan 2026 07:43 AM IST
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मंड सनौर में सड़क की खस्ताहाल को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत करतीं पूर्व विधायक रीता धीमान। -स
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इंदौरा (कांगड़ा)। विधानसभा क्षेत्र इंदौरा के कृषि प्रधान मंड क्षेत्र में वर्ष 2025 की मानसूनी बाढ़ ने जो तबाही मचाई थी, उसके जख्म आज भी हरे हैं। बाढ़ के करीब छह महीने बीत जाने के बाद भी टांडा-काठगढ़ से पराल तक जाने वाली क्षेत्र की मुख्य संपर्क सड़क बदहाल स्थिति में है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ रहा है। पूर्व विधायक रीता धीमान ने रविवार को मंड क्षेत्र के दौरे के दौरान यह बात कही।
पूर्व विधायक ने मंड क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और सड़क की खस्ताहाली को लेकर प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया। मंड मझवां और सनौर के बीच यह मुख्य सड़क दो स्थानों पर गहराई तक टूट चुकी है। पूर्व विधायक ने कहा कि उनके कार्यकाल में करीब 21 किमी लंबी टांडा-काठगढ़-पराल सड़क का 13 करोड़ रुपये से निर्माण करवाया गया था, ताकि मंड क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के हजारों किसानों और ग्रामीणों को सुगम यातायात मिल सके।
विधायक ने अनुसार स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि सड़क की खस्ताहालत के कारण ट्रैक्टर, जीप और सब्जियों व फसलों से लदे वाहन नहीं गुजर पा रहे हैं। फसलें समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच रही हैं। इससे किसानों को वित्तीय नुकसान हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने न तो स्थायी मरम्मत की है और न ही कहीं चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
रीता धीमान ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार की दृष्टि से यह सड़क क्षेत्र की जीवन रेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और स्थानीय विधायक इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुध लेने में नाकाम रहे हैं। इस दौरान उनके साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष जयदीप राणा, उप प्रधान जसविंद्र चंदेल और जतिंद्र राणा सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
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पूर्व विधायक ने मंड क्षेत्र की स्थिति का जायजा लिया और सड़क की खस्ताहाली को लेकर प्रदेश सरकार व स्थानीय प्रशासन पर कड़ा प्रहार किया। मंड मझवां और सनौर के बीच यह मुख्य सड़क दो स्थानों पर गहराई तक टूट चुकी है। पूर्व विधायक ने कहा कि उनके कार्यकाल में करीब 21 किमी लंबी टांडा-काठगढ़-पराल सड़क का 13 करोड़ रुपये से निर्माण करवाया गया था, ताकि मंड क्षेत्र के दर्जनभर गांवों के हजारों किसानों और ग्रामीणों को सुगम यातायात मिल सके।
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विधायक ने अनुसार स्थानीय ग्रामीणों और किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि सड़क की खस्ताहालत के कारण ट्रैक्टर, जीप और सब्जियों व फसलों से लदे वाहन नहीं गुजर पा रहे हैं। फसलें समय पर मंडियों तक नहीं पहुंच रही हैं। इससे किसानों को वित्तीय नुकसान हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने न तो स्थायी मरम्मत की है और न ही कहीं चेतावनी बोर्ड लगाए हैं, जिससे रात के समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
रीता धीमान ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार की दृष्टि से यह सड़क क्षेत्र की जीवन रेखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार और स्थानीय विधायक इस महत्वपूर्ण मार्ग की सुध लेने में नाकाम रहे हैं। इस दौरान उनके साथ भाजपा मंडल अध्यक्ष जयदीप राणा, उप प्रधान जसविंद्र चंदेल और जतिंद्र राणा सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।