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Kangra News: नाबालिग का अश्लील वीडियो वायरल करने के दोषी को दो वर्ष का कारावास
Thu, 25 Jun 2026 07:02 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, कांगड़ा
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:02 AM IST
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धर्मशाला। फास्ट ट्रैक विशेष पॉक्सो न्यायालय धर्मशाला एवं अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विजय लक्ष्मी की अदालत ने नाबालिग छात्रा की अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषी को विभिन्न धाराओं के तहत दो वर्ष के कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
दोषी ने सोशल मीडिया पर संपर्क में आने के बाद पीड़िता को डरा-धमका कर वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग से वीडियो बनाया था, जिसे बाद में अपने दोस्तों को शेयर कर दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता ने ई-मेल के माध्यम से साइबर पुलिस थाना शिमला को शिकायत भेजी थी, जिसे जांच के लिए धर्मशाला भेजा गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में पीड़िता ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करती थी। फरवरी 2023 में आरोपी सुशांत कुमार (निवासी गगरेट खास, जिला ऊना) ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे संपर्क किया। आरोप है कि उसने छात्रा को झांसे में लेकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल शुरू की और डरा-धमकाकर अश्लील वीडियो बनाने पर मजबूर किया।
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मना करने पर उसने बदनाम करने की धमकी दी, जिसके भय में आकर पीड़िता ने वीडियो कॉल की और आरोपी ने स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर उसे वायरल कर दिया। मामले की पैरवी कर रहीं उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 24 गवाह पेश किए गए।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी सुशांत को पोक्सो अधिनियम की धारा-12 के तहत दो वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा आईटी अधिनियम की धारा-66 और 67 के तहत भी दो-दो वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले में नायब कोर्ट यशपाल ने भी सहयोग किया।
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दोषी ने सोशल मीडिया पर संपर्क में आने के बाद पीड़िता को डरा-धमका कर वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन रिकॉर्डिंग से वीडियो बनाया था, जिसे बाद में अपने दोस्तों को शेयर कर दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता ने ई-मेल के माध्यम से साइबर पुलिस थाना शिमला को शिकायत भेजी थी, जिसे जांच के लिए धर्मशाला भेजा गया।
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पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में पीड़िता ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करती थी। फरवरी 2023 में आरोपी सुशांत कुमार (निवासी गगरेट खास, जिला ऊना) ने इंस्टाग्राम के माध्यम से उससे संपर्क किया। आरोप है कि उसने छात्रा को झांसे में लेकर व्हाट्सएप वीडियो कॉल शुरू की और डरा-धमकाकर अश्लील वीडियो बनाने पर मजबूर किया।
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मना करने पर उसने बदनाम करने की धमकी दी, जिसके भय में आकर पीड़िता ने वीडियो कॉल की और आरोपी ने स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर उसे वायरल कर दिया। मामले की पैरवी कर रहीं उप जिला न्यायवादी नवीना राही ने बताया कि सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 24 गवाह पेश किए गए।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोषी सुशांत को पोक्सो अधिनियम की धारा-12 के तहत दो वर्ष के साधारण कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके अलावा आईटी अधिनियम की धारा-66 और 67 के तहत भी दो-दो वर्ष के कारावास और 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना न भरने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। मामले में नायब कोर्ट यशपाल ने भी सहयोग किया।