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Kullu News: व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी ने बढ़ाई कारोबारियों की चिंता, लटकाने पड़े ढाबों पर ताले
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 15 Mar 2026 11:11 PM IST
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कुल्लू। ईरान और अमेरिका व इस्राइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब कुल्लू में भी देखने को मिल रहा है। व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की कमी के कारण रविवार को जिले में सैकड़ों ढाबों और रेस्तरां पर ताले लटके रहे, जबकि कुल्लू शहर में 100 के करीब ढाबे बंद रहे। आमतौर पर रविवार को भी ये खुले रहते थे।
होटल और ढाबा संचालकों को व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रविवार को खाद्य आपूर्ति विभाग ने शहर में 46 व्यावसायिक सिलिंडर ढाबा संचालकों को वितरित किए, जिससे दो-तीन दिन के लिए कुछ राहत मिली है। ये सिलिंडर लाहौल से लाए गए 400 व्यावसायिक सिलिंडरों की खेप से दिए गए हैं।
इसके बावजूद ढाबा और रेस्तरां संचालकों की परेशानी पूरी तरह कम नहीं हुई है। सिलिंडर की नियमित सप्लाई न होने से कई कारोबार बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। हालात से निपटने के लिए कई ढाबा संचालक स्टोव, हीटर और इंडक्शन की मदद से जुगाड़ के तौर पर काम चला रहे हैं।
संचालक बोले- दो से तीन दिन का ही स्टॉक बचा, इंडक्शन खरीदने पड़े
ढाबा संचालक रंगारंग सिंह, शेर सिंह, तेजा सिंह, धर्म दास, निका राम और दिले राम ने बताया कि 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी के कारण उन्होंने एहतियातन अपने ढाबे बंद रखे। सामान्य तौर पर वे रविवार को ढाबे खुले रखते थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बंद रखना ही बेहतर समझा गया। सोमवार को वे ढाबों को खोलेंगे। उनके पास पहले से ही केवल दो से तीन दिन के लिए सिलिंडर का स्टॉक बचा है। सिलिंडर की कमी के चलते उन्होंने 5,000 से 10,000 रुपये खर्च कर अतिरिक्त स्टोव, इंडक्शन और हीटर भी खरीदे हैं।
हीटर और इंडक्शन पर खाना बनाने में होती है देरी
ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस सिलिंडर की तुलना में बिजली से चलने वाले हीटर और इंडक्शन पर खाना बनाने की गति काफी धीमी होती है। ऐसे में कारोबार प्रभावित हो रहा है, लेकिन ढाबों को पूरी तरह बंद होने से बचाने के लिए यह व्यवस्था करनी पड़ी है।
लाहौल से 19 किलोग्राम के 400 व्यावसायिक सिलिंडरों की खेप कुल्लू-मनाली लाई गई है। इसी के तहत रविवार को जिला मुख्यालय में 46 सिलिंडर वितरित किए गए। जिले में घरेलू सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घर-द्वार डिलीवरी दी जा रही है। शिव राम राही, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति विभाग, कुल्लू
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होटल और ढाबा संचालकों को व्यावसायिक सिलिंडर न मिलने से भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि रविवार को खाद्य आपूर्ति विभाग ने शहर में 46 व्यावसायिक सिलिंडर ढाबा संचालकों को वितरित किए, जिससे दो-तीन दिन के लिए कुछ राहत मिली है। ये सिलिंडर लाहौल से लाए गए 400 व्यावसायिक सिलिंडरों की खेप से दिए गए हैं।
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इसके बावजूद ढाबा और रेस्तरां संचालकों की परेशानी पूरी तरह कम नहीं हुई है। सिलिंडर की नियमित सप्लाई न होने से कई कारोबार बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। हालात से निपटने के लिए कई ढाबा संचालक स्टोव, हीटर और इंडक्शन की मदद से जुगाड़ के तौर पर काम चला रहे हैं।
संचालक बोले- दो से तीन दिन का ही स्टॉक बचा, इंडक्शन खरीदने पड़े
ढाबा संचालक रंगारंग सिंह, शेर सिंह, तेजा सिंह, धर्म दास, निका राम और दिले राम ने बताया कि 19 किलोग्राम के व्यावसायिक सिलिंडरों की कमी के कारण उन्होंने एहतियातन अपने ढाबे बंद रखे। सामान्य तौर पर वे रविवार को ढाबे खुले रखते थे, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए बंद रखना ही बेहतर समझा गया। सोमवार को वे ढाबों को खोलेंगे। उनके पास पहले से ही केवल दो से तीन दिन के लिए सिलिंडर का स्टॉक बचा है। सिलिंडर की कमी के चलते उन्होंने 5,000 से 10,000 रुपये खर्च कर अतिरिक्त स्टोव, इंडक्शन और हीटर भी खरीदे हैं।
हीटर और इंडक्शन पर खाना बनाने में होती है देरी
ढाबा संचालकों का कहना है कि गैस सिलिंडर की तुलना में बिजली से चलने वाले हीटर और इंडक्शन पर खाना बनाने की गति काफी धीमी होती है। ऐसे में कारोबार प्रभावित हो रहा है, लेकिन ढाबों को पूरी तरह बंद होने से बचाने के लिए यह व्यवस्था करनी पड़ी है।
लाहौल से 19 किलोग्राम के 400 व्यावसायिक सिलिंडरों की खेप कुल्लू-मनाली लाई गई है। इसी के तहत रविवार को जिला मुख्यालय में 46 सिलिंडर वितरित किए गए। जिले में घरेलू सिलिंडरों की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घर-द्वार डिलीवरी दी जा रही है। शिव राम राही, जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति विभाग, कुल्लू