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Kullu News: अब देशभर में कुरियर से पहुंचेंगे सेब, प्लम, जापानी फल के पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 20 Feb 2026 07:08 AM IST
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कुल्लू। अब हिमाचल से बाहरी राज्यों जम्मू-कश्मीर, असम, कोलकाता, हैदराबाद के लिए सेब, जापानी फल, प्लम के पौधे कुरियर से जाएंगे। कुल्लू में तैयार पौधों की खेप को बाहरी राज्यों में भेजने का तरीका अब बदल गया है।
पौधे किसी जीप में लोड करके नहीं बल्कि कुरियर के माध्यम से अच्छी तरह पैक होकर जा रहे हैं। यह बागवानी के बदलते तरीकों में से एक है। हाईटेक बागवानों ने अब पौधे भेजने के लिए कुरियर को जरिया बनाया है। अब तक इस बार जिले से करीब 50,000 से अधिक पौधे कुरियर के माध्यम से गए हैं। पौधे जम्मू-कश्मीर, असम, कोलकाता, हैदराबाद आदि जगह अलग-अलग डिमांड के अनुसार गए हैं। कुल्लू जिले में चार कुरियर एजेंसी हैं। इनके पास लगातार ऑर्डर आ रहे हैं। कुल्लू से चंडीगढ़ का टैक्सी का किराया 5000 से 7000 रुपये तक है। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए जापानी फल और अन्य पौधों को ले जाने के लिए काफी खर्चा पड़ता है।
कुरियर से 15 किलो और 10 किलो की पैकिंग बनाई जाती है। कुछ छोटी पैकिंग भी बनाई जाती है। 15 किलो की पैकिंग में 30 बड़े पौधे आते हैं। इनका चंडीगढ़ भेजने का खर्च मात्र 1000 रुपये आता है। यहां से कई पौधों के गट्ठों को ऑर्डर के हिसाब से अन्य जगह भेजा जाता है। फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि कुल्लू में तैयार पौधों की काफी मांग रहती है।
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पीक सीजन के हर दिन जिले से बाहर ऑर्डर तैयार करके भेजे जा रहे हैं। ऑर्डर को चार दिनों के अंदर पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षित और कम समय से डिलिवरी पहुंचने के चलते अब कुरियर की तरफ रुझान बढ़ गया है।
-बुध राम, प्रतिनिधि, कुरियर कंपनी
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कुल्लू में हर साल होता है करोड़ों का कारोबार
जिले की नर्सरियों में लाखों सेब, प्लम, जापानी फल, अनार के पौधे तैयार होते हैं। प्रदेश के अन्य जिलों सहित बाहरी राज्यों में पौधे भेजे जाते हैं। नर्सरियों में हर साल करोड़ों का कारोबार होता है। नर्सरियों के माध्यम से बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो रही है।
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पौधे किसी जीप में लोड करके नहीं बल्कि कुरियर के माध्यम से अच्छी तरह पैक होकर जा रहे हैं। यह बागवानी के बदलते तरीकों में से एक है। हाईटेक बागवानों ने अब पौधे भेजने के लिए कुरियर को जरिया बनाया है। अब तक इस बार जिले से करीब 50,000 से अधिक पौधे कुरियर के माध्यम से गए हैं। पौधे जम्मू-कश्मीर, असम, कोलकाता, हैदराबाद आदि जगह अलग-अलग डिमांड के अनुसार गए हैं। कुल्लू जिले में चार कुरियर एजेंसी हैं। इनके पास लगातार ऑर्डर आ रहे हैं। कुल्लू से चंडीगढ़ का टैक्सी का किराया 5000 से 7000 रुपये तक है। खासकर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए जापानी फल और अन्य पौधों को ले जाने के लिए काफी खर्चा पड़ता है।
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कुरियर से 15 किलो और 10 किलो की पैकिंग बनाई जाती है। कुछ छोटी पैकिंग भी बनाई जाती है। 15 किलो की पैकिंग में 30 बड़े पौधे आते हैं। इनका चंडीगढ़ भेजने का खर्च मात्र 1000 रुपये आता है। यहां से कई पौधों के गट्ठों को ऑर्डर के हिसाब से अन्य जगह भेजा जाता है। फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि कुल्लू में तैयार पौधों की काफी मांग रहती है।
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पीक सीजन के हर दिन जिले से बाहर ऑर्डर तैयार करके भेजे जा रहे हैं। ऑर्डर को चार दिनों के अंदर पहुंचाया जा रहा है। सुरक्षित और कम समय से डिलिवरी पहुंचने के चलते अब कुरियर की तरफ रुझान बढ़ गया है।
-बुध राम, प्रतिनिधि, कुरियर कंपनी
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कुल्लू में हर साल होता है करोड़ों का कारोबार
जिले की नर्सरियों में लाखों सेब, प्लम, जापानी फल, अनार के पौधे तैयार होते हैं। प्रदेश के अन्य जिलों सहित बाहरी राज्यों में पौधे भेजे जाते हैं। नर्सरियों में हर साल करोड़ों का कारोबार होता है। नर्सरियों के माध्यम से बागवानों की आर्थिकी मजबूत हो रही है।