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सुशासन और प्रभावी नीति निर्धारण की रीढ़ है डाटा : चेत राम
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कुल्लू में मनाई प्रो. प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सांख्यिकी के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने के लिए प्रसिद्ध सांख्यिकी जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती सोमवार को कुल्लू में मनाई गई। जिला सांख्यिकीय कार्यालय में 20वें सांख्यिकी दिवस पर सहायक अनुसंधान अधिकारी चेत राम ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
कहा कि भारत में 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में दैनिक जीवन में सांख्यिकी के महत्व और नियोजन एवं विकास की प्रक्रिया के बारे में जागरूकता पैदा की जा सके। कहा कि प्रशासनिक डाटा केवल कागजी आंकड़े या रिकॉर्ड नहीं हैं, बल्कि यह सुशासन और प्रभावी नीति निर्धारण की रीढ़ है।
सरकारी विभागों की ओर से दैनिक कामकाज के दौरान एकत्र किया जाने वाला यह डाटा वास्तविक समय की स्थिति को दर्शाता है। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सटीक रूप से लागू करने में मदद मिलती है। इस अवसर पर कृषि विभाग के तकनीकी सहायक राम स्वरूप भी मौजूद रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। सांख्यिकी के क्षेत्र में अमूल्य योगदान देने के लिए प्रसिद्ध सांख्यिकी जनक प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस की जयंती सोमवार को कुल्लू में मनाई गई। जिला सांख्यिकीय कार्यालय में 20वें सांख्यिकी दिवस पर सहायक अनुसंधान अधिकारी चेत राम ने प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला।
कहा कि भारत में 29 जून को राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों में दैनिक जीवन में सांख्यिकी के महत्व और नियोजन एवं विकास की प्रक्रिया के बारे में जागरूकता पैदा की जा सके। कहा कि प्रशासनिक डाटा केवल कागजी आंकड़े या रिकॉर्ड नहीं हैं, बल्कि यह सुशासन और प्रभावी नीति निर्धारण की रीढ़ है।
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सरकारी विभागों की ओर से दैनिक कामकाज के दौरान एकत्र किया जाने वाला यह डाटा वास्तविक समय की स्थिति को दर्शाता है। इससे जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर पर सटीक रूप से लागू करने में मदद मिलती है। इस अवसर पर कृषि विभाग के तकनीकी सहायक राम स्वरूप भी मौजूद रहे। संवाद
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