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Kullu News: इनर अखाड़ा बाजार का एनडीआरएफ ने किया निरीक्षण
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कुल्लू। इनर अखाड़ा बाजार के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र का सोमवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम ने निरीक्षण किया। टीम ने चिंता जताई कि एक साल बाद भी भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं। यहां सितंबर 2025 में दो बार भूस्खलन हुआ है।अब भी कई पत्थर और मलबा खतरा बने हुए हैं।
टीम रिपोर्ट तैयार कर दोबारा सरकार को भेजेगी, ताकि प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द आवश्यक कार्य शुरू हो सकें। स्थानीय निवासी कंचन, नीलम, अंजू, सीता और प्रिया ने कहा कि लगभग एक साल बीतने के बावजूद भूस्खलन से बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि भूस्खलन के बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे को अभी तक नहीं हटाया गया है।
भूस्खलन संभावित क्षेत्र में तिरपाल लगाए गए हैं। बारिश के दौरान पानी के रिसाव और मिट्टी खिसकने की आशंका के बीच लोगों को रातभर जागकर रहना पड़ता है। इस संबंध में जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अमित मिरूपा ने बताया कि भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने का प्रस्ताव प्रोजेक्ट असेसमेंट कमेटी (पीएससी) और टेक्निकल अप्रूवल कमेटी (टीएसी) से मंजूर हो चुका है। स्टेट अप्रूवल कमेटी (एसएसी) से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। संवाद
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टीम रिपोर्ट तैयार कर दोबारा सरकार को भेजेगी, ताकि प्रभावित क्षेत्र में जल्द से जल्द आवश्यक कार्य शुरू हो सकें। स्थानीय निवासी कंचन, नीलम, अंजू, सीता और प्रिया ने कहा कि लगभग एक साल बीतने के बावजूद भूस्खलन से बचाव के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। सबसे बड़ी चिंता यह है कि भूस्खलन के बड़े-बड़े पत्थरों और मलबे को अभी तक नहीं हटाया गया है।
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भूस्खलन संभावित क्षेत्र में तिरपाल लगाए गए हैं। बारिश के दौरान पानी के रिसाव और मिट्टी खिसकने की आशंका के बीच लोगों को रातभर जागकर रहना पड़ता है। इस संबंध में जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता अमित मिरूपा ने बताया कि भूस्खलन को रोकने के लिए सुरक्षा दीवार लगाने का प्रस्ताव प्रोजेक्ट असेसमेंट कमेटी (पीएससी) और टेक्निकल अप्रूवल कमेटी (टीएसी) से मंजूर हो चुका है। स्टेट अप्रूवल कमेटी (एसएसी) से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। संवाद
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